चारधाम यात्रा 2026: बदरीनाथ में ATS तैनात, यमुनोत्री में दो श्रद्धालुओं की मौत

चारधाम यात्रा 2026: बदरीनाथ में ATS तैनात, यमुनोत्री में दो श्रद्धालुओं की मौत

देहरादून। Char Dham Yatra 2026 का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू हो गई है, जबकि अब श्रद्धालुओं को Kedarnath Temple और Badrinath Temple के कपाट खुलने का इंतजार है। प्रशासन ने इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।

चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे। इससे पहले ही धाम में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा प्लान लागू किया गया है।

सभी प्रवेश मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) को भी तैनात कर दिया गया है।

सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है और नियमित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। चमोली पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निश्चिंत होकर यात्रा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ से रवाना होकर निर्धारित पड़ावों से गुजरते हुए धाम पहुंच रही है। कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा भी औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

इस बीच Yamunotri Temple यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार नासिक निवासी 65 वर्षीय उदय गजानन तांबे की जानकीचट्टी के पास अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई, जबकि मध्य प्रदेश के इंदौर की 40 वर्षीय प्रतिभा मिश्रा को अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चिकित्सकों के अनुसार दोनों मामलों में प्राथमिक तौर पर हृदय गति रुकने और सांस संबंधी दिक्कत को कारण माना जा रहा है।

डॉक्टरों ने खासतौर पर बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराएं।

यमुनोत्री धाम की करीब 5 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई और ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन स्तर के कारण सांस और हृदय रोगियों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।

चारधाम यात्रा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 9,800 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, जिनमें 5,503 पुरुष, 4,033 महिलाएं और 264 बच्चे शामिल रहे। इसके अलावा स्थानीय श्रद्धालुओं और देव डोलियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

हालांकि यात्रा की शुरुआत कड़ाके की ठंड के बीच हो रही है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ सभी धामों में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड, ऊंचाई और मौसम की चुनौतियों के बीच प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में जुटा है।

चारधाम यात्रा आस्था का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है, लेकिन इस बार शुरुआती घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों को लेकर विशेष सतर्कता बेहद जरूरी है।

प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने, मौसम की जानकारी लेकर यात्रा करने और पूरी तैयारी के साथ आने की अपील की है।