रुड़की ब्लॉक में 16 लाख की सड़क का भुगतान अटका, ‘बंदरबाँट’ के आरोप पर ग्रामीणों का हंगामा
रिपोर्ट: सलमान मलिक
सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप एक बार फिर सामने आए हैं। रुड़की ब्लॉक के ग्राम बंगहेड़ी माहवतपुर में मनरेगा के तहत बनी 16 लाख रुपये की सीसी सड़क का भुगतान एक साल बाद भी वेंडरों और मजदूरों को नहीं मिला।
इससे नाराज़ ग्रामीणों ने रुड़की ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर सरकारी धन की ‘बंदरबाँट’ का आरोप लगाया।
रुड़की ब्लॉक कार्यालय में बंगहेड़ी माहवतपुर के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए घेराव किया। ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक वर्ष पहले मनरेगा योजना के तहत गांव में 16 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड का निर्माण कराया गया था।
नियम के अनुसार कार्य पूरा होने के बाद भुगतान होना चाहिए था, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद वेंडर और मजदूरों को उनका पैसा नहीं मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन से बजट जारी होने के बावजूद ब्लॉक स्तर पर भुगतान रोक दिया गया। जब वेंडरों ने अपने बकाया की मांग की तो पता चला कि राशि गांव तक पहुंची ही नहीं।
इस पर ग्रामीणों ने ब्लॉक अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग और बंदरबाँट का आरोप लगाया।
भुगतान न होने से मटेरियल सप्लाई करने वाले वेंडरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे लंबे समय से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
मामले के बढ़ते विवाद और ब्लॉक परिसर में हंगामे की स्थिति के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला परियोजना अधिकारी (डीपीओ) अजय मिश्रा ने ग्रामीणों को शांत कराया और कहा कि भुगतान में तकनीकी कारणों से देरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर जल्द ही वेंडरों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
फिलहाल अधिकारियों ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब बजट जारी हो चुका था तो एक साल तक भुगतान क्यों नहीं हुआ। क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर सरकारी धन में गड़बड़ी, इसका जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।



