बिग ब्रेकिंग: आज सभी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट। बद्रीनाथ हाईवे बंद, नदी नाले उफान पर, यात्रा स्थगित

आज सभी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट। बद्रीनाथ हाईवे बंद, नदी नाले उफान पर, यात्रा स्थगित

Weather Alert: उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पेशल मौसम बुलेटिन जारी कर उत्तराखंड राज्य के 9 जनपदों में अगले 24 घंटे के लिए भारी से भी बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

वहीं चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा वहीं कुछ क्षेत्रों में भारी से भी अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, चंपावत, चमोली रूद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल जिले में 7 जुलाई को भारी से भी बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी जिले में भारी से भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है।

अतिवृष्टि से भूस्खलन और चट्टानें गिरने की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने राज्य में अगले 24 घंटे बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं अतिवृष्टि के आसार हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में कहीं-कहीं भूस्खलन एवं चट्टानें गिरने की आशंका है।

इससे सड़कों, राजमार्गों, पुलों का अवरुद्ध होना, बिजली, पानी आदि सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना है। नदियों में बाढ़ आने के कारण बांध-बैराजों पर सिल्ट जम सकती है।

पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं भी होने लगी हैं। ऐसे में इन दिनों एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य सभी विभागों की सक्रियता बढ़ गई है।

चंपावत डीएम ने अधिकारियों को किया अलर्ट

चंपावत में रविवार को भी मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने सभी विभागों को हाई अलर्ट में रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़क ड़क मार्ग बंद होने पर तत्काल खोलने की कार्रवाई के निर्देश दिए। विशेष रूप से जिलाधिकारी ने जनपद के आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए अनावश्यक घर से बाहर न निकलें।

साथ ही जरूरी होने पर ही यात्रा पर निकालने की अपील की। जिलाधिकारी ने हाई अलर्ट के बीच आम जनता से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।

नैनीताल डीएम ने भी किया अलर्ट नैनीताल। ज़िला मजिस्ट्रेट वंदना सिंह ने बताया कि जनपद में बहुत भारी बरसात का अलर्ट है, इसके लिए समस्त अधिकारी अलर्ट रहें।

डीएम ने कहा कि भारी बारिश से पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन की संभावनाएं हैं अतः आम जनता से अपील है कि अति आवश्यक न हो तो पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचें और नदी, नालों, रपटों से उचित दूरी रखें।

समस्त अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया है कि अपनी संवेदनशील सड़कों पर लगी मशीनों और भूस्खलन वाले स्थानों पर स्वयं विजिट करें, सभी टीमों को फील्ड में लगाएं। सिंचाई विभाग के सभी अधिकारी जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वयं निरीक्षण करें, पर्याप्त मात्रा में पंप और मशीनों की व्यवस्था करें।

राजस्व विभाग के अधिकारी तहसीलदार/नायब तहसीलदार अपने क्षेत्रों के संवेदनशील ग्रामों में संपर्क स्थापित करते हुए प्रत्येक दो घंटे में कुशलता लेते रहें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी अलर्ट रहें। आशा कार्यकर्ता के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में बीमार और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहें।

किसी भी इमरजेंसी में तत्काल अपने SDM / तहसीलदार और आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क करें। डीएम ने समस्त उपजिलाधिकारी को स्वयं सभी विभागों से समन्वय कर इन निर्देशों का पालन करवाने के निर्देश दिये है।

उन्होंने बताया कि आपदा से सम्बन्धित सूचानाओं को प्राप्त किये जाने एवं सर्व सम्बन्धित को कार्यवाही हेतु सूचित किये जाने हेतु जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र नैनीताल में वैकल्पिक दूरभाष नम्बर 05942-356712 तथा जीओ नेटवर्क मो० न० 8433092458 इन नम्बरों पर आपदा से सम्बन्धित सूचना आदान-प्रदान कर सकते है।

कुमाऊं के दो हाईवे बंद करने निर्देश

पिछले एक दो दिनों से कुमांऊ में हो रही लगातार बारिश के चलते जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगह सड़कों में मलबा आया है। वहीं अत्यधिक वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-87 में जगह जगह पर पत्थर गिरने का भय बना हुआ है।

जिससे कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है, जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-87 क्वारब से भवाली (दोनों ओर से) बन्द व परिवर्तित किये जाने के लिए अवगत कराया है।

अत्यधिक वर्षा के दृष्टिगत निर्देश दिये अपने स्तर से चौकी इन्चार्ज खैरना व क्वारब को उपरोक्त स्थान पर दोनों ओर से यातायात बन्द और परिवर्तित करने के लिए निर्देशित करें। मोटर मार्ग बन्द होने की स्थिति में यातायात का संचालन क्वारब से रामगढ़ होते हुए भवाली तक किया जा सकता है।

चारधाम यात्रा स्थगित

आयुक्त, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष, चार धाम यात्रा प्रशासन संगठन, विनय शकर पाण्डेय ने मौसम विभाग, उत्तराखण्ड की विशेष 07 जुलाई एवं दिनांक 08 जुलाई, को गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों में भारी से भारी वर्षा (Heavy Rain) होने की सम्भावना जताई है।

अतः मौसम विभाग की उक्त विशेष प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर गढ़वाल मंडल के चार धाम यात्रा हेतु जाने वाले श्रद्वालुओं से अनुराध एवं अपील की जाती है वे दिनांक 07 जुलाई, 2024 को ऋषिकेश से आगे चार-धाम की यात्रा प्रारम्भ न करें, तथा जो तीर्थयात्री जिस जगह पर यात्रा हेतु पहुँच गये है, वे भारी वर्षा की संभावना के दृष्टिगत उसी स्थान पर विश्राम करें।

मौसम विभाग से उक्त तिथियों में गढ़‌वाल मंडल में भारी से भारी बर्षा (Heavy Rain) की संभावना व्यक्त की गई है अतः यात्रा प्रशासन संगठन द्वारा जनहित एवं तीर्थयात्रियों के जान-माल की सुरक्षा हेतु चार धाम यात्रा स्थगित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

सभी श्रद्वालुओ तीर्थयात्रियों से अपील की जाती है कि वे दिनांक 07 जुलाई, 2024 को ऋषिकेश से आगे चारधाम की यात्रा प्रारम्भ न करें तथा जिन स्थानों पर पहुँचे है, मौसम साफ होने तक वहीं विश्राम करें। यह अपील व्यापक जनहित एवं जनसुरक्षा हेतु जारी की जा रही है।

गंगा नदी का लगातार बढ़ रहा जलस्तर

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सभी घाटों पर यात्रियों को सचेत किया जा रहा है कि, घाटो पर कोई भी व्यक्ति रात को ना रहे।

त्रिवेणी घाट आरती स्थल तक पहुंचा नदी का जलस्तर फिलहाल हालत सामान्य है। सभी आम जनमानस को जल पुलिस, SDRF टीमों द्वारा अलर्ट किया जा रहा है।

बद्रीनाथ हाईवे तोताघाटी में बंद

पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं। श्रीनगर में भी अलकनंदा नदी खतरे के निशान से सिर्फ दो मीटर नीचे बह रही है। ऐसे में जल विद्युत परियोजना जीवीके प्रशासन की ओर से अलकनंदा के जलस्तर को देखते हुए लोगों को नदी से दूर रहने को कहा जा रहा है। वहीं, बदरीनाथ हाईवे तोताघाटी के बाद बड़े-बड़े बोल्डर आने से बंद हो गया है।

खतरे के निशान से चंद मीटर नीचे बह रही अलकनंदा

 बता दें कि चमोली, रुद्रप्रयाग और श्रीनगर में बारिश का सिलसिला जारी है। तेज बारिश के कारण अलकनंदा नदी अपने रौद्र रूप में बह रही है। अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने को है। ऐसे में अलार्म बजाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

अभी अलकनंदा नदी 534 मीटर पर बह रही है। जबकि, खतरे का निशान 536 मीटर है। अलकनंदा नदी के बढ़े जलस्तर से अलकेश्वर समेत तमाम घाट जलमग्न हो गए हैं। पुलिस अलकनंदा नदी और घाट किनारे अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

बद्रीनाथ हाईवे तोताघाटी में बंद

वहीं, दूसरी तरफ बारिश के कारण नदियां तो उफान पर बह ही रही हैं। साथ ही बारिश से पहाड़ियां भी दरक रही है। इसके चलते कल से ही बदरीनाथ हाईवे (NH 58) तोताघाटी में बार-बार बंद हो रहा है। देर रात हाईवे खुला था, लेकिन सुबह एक बार फिर से बंद हो गया।

मौके पर एनएच लोक निर्माण विभाग हाईवे को खोलने में जुटा है। हाईवे बंद होने के कारण प्रशासन वाहनों को मलेथा, टिहरी, चंबा, नरेंद्र नगर के रास्ते भेज रहा है। वहीं, पौड़ी जिले में बारिश के कारण 2 स्टेट हाईवे, 3 मुख्य जिला मार्ग समेत 14 ग्रामीण मार्ग बंद हो गए है।