अमित शाह का मिशन-65, धामी का कांग्रेस पर वार और हरीश रावत का पलटवार। उत्तराखंड में चुनावी जंग तेज
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच भाजपा ने अपने चुनावी अभियान का शंखनाद कर दिया है।
राज्य स्थापना दिवस के आयोजनों में शामिल होने देहरादून पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परेड ग्राउंड से भाजपा के लिए मिशन-65 का लक्ष्य घोषित कर दिया।
उन्होंने जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं कांग्रेस, राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री धामी ने भी अपने संबोधन में कांग्रेस को घेरते हुए राहुल गांधी, अखिलेश यादव और हरक सिंह रावत पर हमला बोला।
दूसरी तरफ, अमित शाह के आरोपों पर हरीश रावत ने पलटवार करते हुए जुमे की छुट्टी और घोटालों के प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दे डाली। कांग्रेस ने भाजपा की जनसभा को फ्लॉप बताते हुए भीड़ और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सवाल उठाए।
अमित शाह ने दिया मिशन-65 का लक्ष्य, हैट्रिक का मांगा आशीर्वाद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा कई राज्यों में जीत की हैट्रिक लगा चुकी है और अब उत्तराखंड में भी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य है।
अमित शाह ने वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में भाजपा को 57 और 2022 में 47 सीटें मिली थीं।
इस बार पार्टी को 40-45 सीटों के लक्ष्य तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि 65 सीटों का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
यूसीसी, नकल विरोधी कानून और अतिक्रमण पर सरकार की पीठ थपथपाई
अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून को सरकार की बड़ी उपलब्धियां बताया।
उन्होंने तीन तलाक और हलाला जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के सामने उदाहरण पेश किया है।
अवैध अतिक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए उन्होंने मस्जिदों, मजारों और मदरसों का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जबकि कांग्रेस की राजनीति तुष्टिकरण पर आधारित रही है।
राहुल गांधी की यात्रा को बताया घुसपैठिया बचाओ यात्रा
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोट बचाओ यात्रा और एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में झूठा नैरेटिव फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की यात्रा को वोट बचाओ के बजाय घुसपैठिया बचाओ यात्रा करार दिया।
शाह ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड में शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी का प्रस्ताव लाने का दावा किया। उन्होंने राम मंदिर, अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को भी कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए हमला बोला।
धामी ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और हरक सिंह रावत को घेरा
अमित शाह से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड हर क्षेत्र में विकास कर रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें विकास पर सार्थक चर्चा करने के बजाय भय और टकराव का वातावरण बनाने में जुटी हैं।
धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काने, अफवाह फैलाने और हिंसा को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिणाम पक्ष में आएं तो व्यवस्था सही और खिलाफ जाएं तो ईवीएम तथा एसआईआर पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताने के बावजूद कांग्रेस के नेता चुप्पी साधे रहते हैं।
धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार से सवाल पूछने वाली कांग्रेस पर भी पलटवार किया। उन्होंने तंदूर और जेनी कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े मामलों पर चुप्पी साध लेती है।
हरीश रावत ने अमित शाह को दी राजनीति छोड़ने की चुनौती
अमित शाह के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने अपने संबोधन में उनके संदर्भ में कई ऐसी बातें कहीं, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
हरीश रावत ने शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी के प्रस्ताव और कांग्रेस शासनकाल के कथित घोटालों को लेकर अमित शाह को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अमित शाह इनमें से किसी एक आरोप का प्रमाण दे दें, यहां तक कि जुमे की छुट्टी के प्रस्ताव का ही सबूत पेश कर दें, तो वह राजनीति छोड़ देंगे और जनता से माफी मांगेंगे।
रावत ने भाजपा सरकार पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने एक मंत्री के पति की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख करते हुए आय से अधिक संपत्ति के मामले और सीबीआई जांच की अनुमति नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन को लेकर भी भाजपा पर सवाल खड़े किए।
राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत हुई उत्तराखंड पुलिस
अमित शाह के दौरे का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित राष्ट्रपति पुलिस निशान अलंकरण परेड भी रहा। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किया। इसके साथ ही उत्तराखंड पुलिस देश का 16वां पुलिस बल बन गया, जिसे यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।
परेड के दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने राष्ट्रपति पुलिस निशान का अभिषेक किया। अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस की सराहना करते हुए जवानों को बधाई दी। इस अवसर पर पुलिस की विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
₹1,475 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में अमित शाह ने ₹1,475.31 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संवारने का काम किया जा रहा है। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी सरकार की प्राथमिकता बताया।
कांग्रेस ने जनसभा को बताया फ्लॉप शो, अंकिता मामले पर उठाए सवाल
भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के दावों के बीच कांग्रेस ने अमित शाह की जनसभा को फ्लॉप करार दिया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इसके बावजूद सम्मानजनक भीड़ नहीं जुटा सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहार के दिन आयोजित कार्यक्रम के कारण व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ। धस्माना ने कहा कि प्रदेश की जनता दस साल के भाजपा शासन से परेशान हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है।
कांग्रेस नेता ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार आज भी संपूर्ण न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने कथित वीआईपी को लेकर भी भाजपा सरकार से सवाल किए।
वहीं, एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी निशाना साधा।
पोस्टरों पर आपत्तिजनक स्लोगन से भी गरमाई सियासत
अमित शाह के दौरे के दौरान देहरादून में उनके स्वागत के लिए लगाए गए पोस्टर भी चर्चा का विषय बने। राजपुर रोड पर कुछ पोस्टरों पर अज्ञात लोगों ने आपत्तिजनक स्लोगन लिख दिए।
भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे शर्मनाक हरकत बताया। भाजपा नेत्री मधु चौहान ने कहा कि प्रदेश के मेहमान के पोस्टरों पर इस तरह की टिप्पणी करना निंदनीय है।
दूसरी तरफ, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन भी किया।
2027 की चुनावी जंग के संकेत साफ
कुल मिलाकर अमित शाह का देहरादून दौरा उत्तराखंड भाजपा के लिए महज राज्य स्थापना दिवस का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति का सार्वजनिक प्रदर्शन भी बन गया।
मिशन-65 का लक्ष्य, यूसीसी और अतिक्रमण जैसे मुद्दे, कांग्रेस पर तीखे हमले और धामी सरकार की उपलब्धियों का प्रचार भाजपा के संभावित चुनावी एजेंडे की झलक दिखाते हैं।
वहीं, हरीश रावत की चुनौती और कांग्रेस के पलटवार से साफ है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होंगे।
अब देखना होगा कि भाजपा का मिशन-65 कितना प्रभावी साबित होता है और कांग्रेस इन राजनीतिक हमलों का जवाब किस रणनीति से देती है।



