मॉल में मारपीट, अस्पताल में बवाल, फर्जी MBBS प्रमाणपत्र और हत्या का खुलासा
देहरादून। उत्तराखंड में अपराध से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। देहरादून के जोगीवाला स्थित मॉल परिसर में सिक्योरिटी गार्ड द्वारा डिलीवरी बॉय से मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है।
वहीं हरिद्वार जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई। दूसरी ओर MBBS दाखिले में कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले में SIT ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
उधम सिंह नगर में शिमला चोरी के मामले में आबकारी विभाग के चार कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि हरिद्वार पुलिस ने जंगल में मिले अज्ञात शव के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है।
मॉल में डिलीवरी बॉय से मारपीट, वीडियो वायरल
देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के जोगीवाला स्थित एक मॉल परिसर में डिलीवरी बॉय के साथ सिक्योरिटी गार्ड द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
वीडियो में गार्ड डिलीवरी बॉय के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता नजर आ रहा है। डिलीवरी बॉय माफी मांगता दिखाई देता है, इसके बावजूद मारपीट जारी रहती है।
पुलिस के अनुसार विवाद उस समय हुआ जब डिलीवरी बॉय मॉल में ऑर्डर लेने पहुंचा था। आरोप है कि वह निर्धारित रास्ते के बजाय दूसरे रास्ते से अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। इसी बात को लेकर सुरक्षा गार्ड से उसका विवाद हुआ।
पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड महेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक घटना के समय आरोपी नशे में था और समझाने के बावजूद नहीं माना। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पीड़ित डिलीवरी बॉय की ओर से शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
हरिद्वार जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर बवाल
हरिद्वार के मेला अस्पताल परिसर स्थित जिला अस्पताल में देर रात दो पक्षों के बीच विवाद के बाद जमकर हंगामा हुआ। विवाद के बाद एक पक्ष के लोग इमरजेंसी की ओर भागे तो दूसरे पक्ष के लोग उनका पीछा करते हुए अस्पताल पहुंच गए।
आरोप है कि हमलावरों के हाथों में ईंट-पत्थर और धारदार हथियार थे। अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हुई है। वायरल फुटेज में कुछ लोग पत्थर फेंकते और एक व्यक्ति धारदार हथियार लहराता दिखाई दे रहा है। इस दौरान इमरजेंसी के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए।
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया, जिससे हमलावर इमरजेंसी के अंदर प्रवेश नहीं कर सके। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
MBBS फर्जी प्रमाणपत्र मामले की जांच हरिद्वार तक पहुंची
उत्तराखंड में NEET-UG 2026 के तहत MBBS दाखिले में कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे से दाखिले के लिए कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की जांच SIT कर रही है। देहरादून पुलिस ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में SIT गठित की है।
जांच के दौरान टीम ने दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक जांच का दायरा करीब 350 से 370 अभ्यर्थियों तक पहुंच गया है।
अब तक आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र अथवा प्रवेश संबंधी कार्रवाई निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार ने जांच को अन्य आरक्षित श्रेणियों के प्रमाणपत्रों तक भी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
SIT अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी प्रमाणपत्र किस स्तर पर तैयार हुए, उनका सत्यापन कैसे हुआ और दाखिले की प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया। जांच में सरकारी रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।
शिमला चोरी का माल खुर्द-बुर्द करने के आरोप में चार आबकारी कर्मचारी गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश के शिमला में होटल कारोबारी के घर हुई चोरी के मामले की जांच की आंच उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर तक पहुंच गई है। शिमला पुलिस ने रुद्रपुर पुलिस की मदद से आबकारी विभाग में तैनात चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में आबकारी विभाग के दारोगा देवेंद्र कुमार, बलजीत सिंह, पप्पू लाल और नईम शामिल हैं। आरोप है कि शिमला से चोरी हुए जेवरात और अन्य सामान को लेकर जा रहे लोगों की गाड़ी को रुद्रपुर-रामपुर सीमा के पास आबकारी चेकपोस्ट पर रोका गया था।
जांच के दौरान चोरी की संपत्ति बरामद हुई, लेकिन आरोप है कि उसे संबंधित पुलिस के हवाले करने के बजाय कर्मचारियों ने अपने कब्जे में रखा।
चारों कर्मचारियों को 20 सितंबर की रात गिरफ्तार किया गया। हिमाचल पुलिस उन्हें अपने साथ शिमला ले गई है। मामले में चोरी की संपत्ति बरामद होने की बात सामने आई है और आगे की कानूनी कार्रवाई हिमाचल पुलिस कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी के आदेश पर चारों कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
हरिद्वार ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, पति-पत्नी गिरफ्तार
हरिद्वार के दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में 17 सितंबर को मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है।
मृतक की पहचान बिजनौर निवासी 50 वर्षीय गोपाल के रूप में हुई। पुलिस ने हत्या के मामले में नरेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार गोपाल की महिला से जान-पहचान हुई थी और बाद में दोनों के बीच संबंध बन गए। आरोप है कि गोपाल महिला पर परिवार छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था और धमकियां भी दे रहा था। महिला ने इसकी जानकारी अपने पति को दी।
पुलिस के मुताबिक इसके बाद नरेंद्र ने अपनी पत्नी, भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत महिला ने 16 सितंबर को गोपाल को हरिद्वार बुलाया और गंगा घाट पर ले गई।
वहां आरोपियों ने चापड़ और छुरी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चापड़ बरामद करने की बात कही है। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस तरह देहरादून में मॉल परिसर में मारपीट, हरिद्वार में अस्पताल में हंगामा, MBBS दाखिले में कथित फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच, शिमला चोरी के मामले में ऊधम सिंह नगर के आबकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी और हरिद्वार ब्लाइंड मर्डर का खुलासा इन सभी मामलों में पुलिस और संबंधित विभागों की जांच जारी है।


