नाले में मासूम लापता, करोड़ों की ठगी का खुलासा समेत कई बड़ी खबरें, एक क्लिक में पढ़ें….
देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार का दिन हादसों, अपराध, साइबर ठगी और रहस्यमयी मौतों की खबरों से सुर्खियों में रहा। हरिद्वार से लेकर चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून और मसूरी तक कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
कहीं बारिश के बीच एक मासूम बच्ची नाले में बहकर लापता हो गई, तो कहीं करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामलों का खुलासा हुआ। वहीं सड़क हादसों और संदिग्ध मौतों ने भी चिंता बढ़ा दी।
सबसे दर्दनाक घटना हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र के रावली महदूद गांव में हुई। बारिश के दौरान खेल रही दो बच्चियां अचानक तेज बहाव वाले नाले में गिर गईं। स्थानीय लोगों ने सात वर्षीय हिमानी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन छह वर्षीय विधिका बह गई।
देर रात तक एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह भी रेस्क्यू अभियान जारी रहा।
नाले में जमा कूड़ा, अवैध सीवर लाइनें और अतिक्रमण रेस्क्यू कार्य में बड़ी बाधा बने हुए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
साइबर अपराध के मोर्चे पर उत्तराखंड एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली। अल्मोड़ा की एक वरिष्ठ नागरिक महिला को 12 दिनों तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी शान्तनु दास को पश्चिम बंगाल के मालदा से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग और हजारों एफआईआर का डर दिखाकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई थी। मामले की जांच जारी है। इसी तरह देहरादून में एक रिटायर्ड महिला प्रिंसिपल से 73.60 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है।
ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई अधिकारी बताकर महिला को लगभग 24 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और जांच के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवा ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रुड़की में पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। झबरेड़ा पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मुखबिर तंत्र की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उनकी निशानदेही पर कुल 19 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े, मास्क और हेयर स्टाइल बदलते थे, लेकिन आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गए।
देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला। कुड़कावाला बस्ती में कुत्तों के झुंड ने एक पशुपालक के बाड़े पर हमला कर दिया।
हमले से डरी भेड़-बकरियों में भगदड़ मच गई और दम घुटने व चोट लगने से 33 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उसने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
चमोली जिले के नंदानगर विकासखंड के रामणी गांव में एक किशोर और किशोरी के शव मेला मैदान के मंच की रेलिंग से फंदे पर लटके मिले। मृतक कक्षा 12 का छात्र और कक्षा 11 की छात्रा बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है।
पुलिस प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग और आत्महत्या के एंगल से जांच कर रही है, जबकि वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।
चमोली के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में कथित भूमि विवाद और फर्जी रजिस्ट्री का मामला भी चर्चा में रहा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी 35 नाली जमीन संदिग्ध परिस्थितियों में बेच दी गई और प्रशासन उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय सुनवाई टाल रहा है। परिवार ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रुद्रप्रयाग जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। मथ्यागांव के पास एक वाहन गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला।
उधर मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास एक व्यापारी का शव करीब 200 मीटर गहरी खाई में मिलने से सनसनी फैल गई।
मृतक की कार सड़क किनारे खड़ी मिली, जबकि शव नीचे नदी किनारे चट्टानों के बीच पड़ा था। कार से शराब की आधी बोतल भी बरामद हुई है। पुलिस हादसा, आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
कुल मिलाकर उत्तराखंड में एक ही दिन में सामने आई इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था, साइबर अपराध, अवैध अतिक्रमण, सड़क सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई मामलों में जांच और रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय और राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


