निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी, सहकारी बैंकों के लिए BJP ने घोषित किए उम्मीदवार
देहरादून। उत्तराखंड में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर राज्य निर्वाचन आयोग ने उधम सिंह नगर जिले की नगर पालिका परिषद किच्छा और नगर पालिका परिषद सिरौलीकलां के सामान्य निर्वाचन की अधिसूचना जारी कर दी है।
वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपने समर्थित प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन दोनों चुनावों को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सुशील कुमार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नगर पालिका परिषद किच्छा और सिरौलीकलां में अध्यक्ष एवं सदस्य पदों के लिए 22 सितंबर को मतदान और 24 सितंबर को मतगणना होगी।
संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी 8 सितंबर को आरक्षण सहित निर्वाचन क्षेत्रों का विस्तृत विवरण जारी करेंगे।
निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 10 और 11 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। 12 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, 13 सितंबर को नाम वापसी और 14 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 22 सितंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जबकि 24 सितंबर को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे।
इसी बीच सहकारिता क्षेत्र में भी चुनावी माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद पांच जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पदों के लिए अपने समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
भाजपा द्वारा जारी सूची में देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, कोटद्वार और टिहरी जिला सहकारी बैंक शामिल हैं।
पार्टी ने देहरादून जिला सहकारी बैंक के लिए मंजीत रावत, चमोली के लिए गजेंद्र सिंह रावत, उत्तरकाशी के लिए शारदा राणा, कोटद्वार के लिए पंकज रावत और टिहरी के लिए सुभाष चंद्र स्मोला को अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है। यह सूची प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार के हस्ताक्षर से जारी की गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनाव और सहकारी बैंक चुनाव दोनों ही आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत और जमीनी पकड़ का महत्वपूर्ण संकेत देंगे।
भाजपा ने जहां सहकारी बैंकों में समय रहते अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है, वहीं निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ऐसे में सितंबर का महीना उत्तराखंड की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने जा रहा है, जहां निकाय और सहकारिता दोनों मोर्चों पर राजनीतिक दल अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गए हैं।


