बड़ी खबर: RTO फायरिंग में अधिकारी निलंबित, रुद्रपुर में 20 दुकानें ध्वस्त, टिहरी रोपवे बंद

हल्द्वानी RTO फायरिंग में अधिकारी निलंबित, रुद्रपुर में 20 दुकानें ध्वस्त, टिहरी रोपवे बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार को प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई से जुड़ी तीन बड़ी खबरें सामने आईं। हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय में फायरिंग के मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया, वहीं रुद्रपुर में विश्वकर्मा मार्केट की करीब 20 दुकानों पर बुलडोजर चला।

दूसरी ओर, टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्रों के लिए अहम टिपरी-मदननेगी रोपवे सेवा अनुबंध खत्म होने के बाद बंद हो गई, जिससे दर्जनों गांवों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।

हल्द्वानी RTO में फायरिंग के मामले में अधिकारी निलंबित

हल्द्वानी स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में शस्त्र लेकर पहुंचने और फायरिंग करने के मामले में परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से 2 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, आरोप है कि महेंद्र सिंह नेगी 1 सितंबर को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के शस्त्र लेकर कार्यालय पहुंचे थे। इसी दिन शाम करीब 3:40 बजे कर पंजीयन अनुभाग के बाहर शस्त्र से फायरिंग की गई।

घटना के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों में भय का माहौल बन गया तथा सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुआ। विभाग ने प्रथम दृष्टया इसे उत्तराखंड कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के नियम 3(1) और 3(2) का उल्लंघन माना है।

निलंबन आदेश में कहा गया है कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और आरोप सिद्ध होने पर बड़ी विभागीय सजा हो सकती है। निलंबन अवधि में महेंद्र सिंह नेगी को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, उधमसिंह नगर से संबद्ध किया गया है।

रुद्रपुर में विश्वकर्मा मार्केट की 20 दुकानों पर चला बुलडोजर

उधर, रुद्रपुर के डीडी चौक स्थित विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा हुआ। बची हुई 41 दुकानों में से करीब 20 दुकानों को पीडब्ल्यूडी ने ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची तो व्यापारियों और समाजसेवियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारी बुलडोजर के सामने खड़े हो गए और दुकानों को तोड़ने से पहले उचित समाधान की मांग की।

व्यापारियों का कहना था कि इन दुकानों से वर्षों से उनका रोजगार जुड़ा है और बिना पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था के दुकानें तोड़े जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति संभाली, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। मौके पर पहुंचे महापौर विकास शर्मा ने व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।

वहीं, व्यापारियों ने प्रस्तावित दुकानों के आवंटन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब 25 लोगों को ही दुकानें मिलने की बात सामने आ रही है, जबकि प्रभावित दुकानदारों की संख्या इससे अधिक है। व्यापारियों ने सभी प्रभावित दुकानदारों के लिए पारदर्शी पुनर्वास और दुकान आवंटन की मांग की है।

टिहरी में रोपवे बंद, दर्जनों गांवों के सामने आवागमन का संकट

इधर, टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर ब्लॉक के रैका और धारमंडल क्षेत्र के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टिपरी-मदननेगी रोपवे सेवा 1 सितंबर से बंद हो गई है।

टिहरी झील बनने के बाद मदननेगी, धारमंडल, रैका सहित आसपास के दर्जनों गांवों के आवागमन के लिए इस रोपवे का संचालन 2012 से किया जा रहा था। सितंबर 2025 में इसका अनुबंध समाप्त होने के बाद ग्रामीणों की मांग पर मार्च 2026 और फिर 31 अगस्त तक संचालन जारी रखा गया था।

रोपवे प्रबंधन के अनुसार कंपनी का करीब 45 लाख रुपये का भुगतान लंबित है और नया अनुबंध नहीं होने के कारण सेवा बंद करनी पड़ी।

भाजपा के जिला महामंत्री बलवंत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रोपवे को जल्द शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने इसके संचालन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग या किसी अन्य एजेंसी को देने का सुझाव दिया है।

वहीं, टिहरी जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि रोपवे का संचालन सिडकुल के अधीन है और अब नए टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है। शासन और सिडकुल को पत्र भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सेवा जल्द बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।