कॉर्बेट के जंगल में तड़के मुठभेड़, वनकर्मियों पर तस्करों की फायरिंग
देहरादून। उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे जंगल में खैर की लकड़ी की तस्करी की कोशिश वन विभाग ने नाकाम कर दी। शुक्रवार तड़के गश्त के दौरान वनकर्मियों और हथियारबंद तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई।
तस्करों ने वन विभाग की टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में वनकर्मियों ने करीब 15 राउंड गोलियां चलाईं। इसके बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गए।
घटना रामनगर वन प्रभाग की गुलजारपुर बीट के एन-2 क्षेत्र की है। वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। सुबह करीब ढाई से तीन बजे के बीच जंगल में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने पर वनकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी की। इसी दौरान खैर के पेड़ काटने पहुंचे तस्करों ने खुद को घिरता देख वनकर्मियों को ललकारते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
वन विभाग की जवाबी कार्रवाई से तस्करों में अफरा-तफरी मच गई और वे मौके से भाग निकले। घटना के बाद पूरी रात जंगल में सघन सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन तस्कर हाथ नहीं लगे। हालांकि वे अपनी तीन मोटरसाइकिलें मौके पर छोड़ गए, जिन्हें वन विभाग ने कब्जे में लेकर जुड़का वन परिसर में सीज कर दिया।
वन विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अपराध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। रामनगर वन प्रभाग के रेंजर शेखर तिवारी ने बताया कि आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
वहीं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश चंद्र आर्या ने कहा कि तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
वन विभाग का कहना है कि खैर की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा।


