भर्ती बवाल, हत्या, डबल मर्डर, नकली दवा फैक्ट्री, BKTC जांच में खुलासा और पुलिस महकमे में शोक
देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार को राजनीतिक, अपराध और प्रशासनिक घटनाक्रमों ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा। नर्सिंग भर्ती विवाद को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन हुआ।
वहीं देहरादून में एक व्यक्ति की गला रेतकर हत्या, हरिद्वार के पथरेश्वर महादेव मंदिर डबल मर्डर केस का खुलासा, बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच में नए खुलासे, राजधानी में नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़ और एलआईयू इंस्पेक्टर मनोज मनराल के आकस्मिक निधन ने दिनभर सुर्खियां बटोरीं।
नर्सिंग भर्ती में सीनियरिटी बनाम परीक्षा के मुद्दे पर आंदोलन उस समय और तेज हो गया, जब एक महिला अभ्यर्थी ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया।
इसके बाद महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव किया। पुलिस ने कई महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में 48 वर्षीय दीपक गुप्ता की गला रेतकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में पैसों के लेन-देन को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की जांच लगातार गहराती जा रही है। जांच में करोड़ों रुपये के दान, सीमित सीसीटीवी फुटेज और मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं।
एसआईटी ने उनकी पुलिस रिमांड के लिए तीसरी बार अदालत का रुख किया है, जबकि बीकेटीसी ने भविष्य में एआई आधारित क्लाउड निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
हरिद्वार के पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार गद्दी विवाद और कथित ब्लैकमेल के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
उधर पिरान कलियर में चार बेटियों की मां की संदिग्ध मौत के मामले में पति, सास, ससुर और देवर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
राजधानी देहरादून में औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। छापेमारी में नामी कंपनियों के नाम से तैयार की जा रही नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और मशीनें बरामद हुई हैं। जांच में गिरोह के तार उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
इसी बीच पुलिस विभाग को भी बड़ा झटका लगा। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) में तैनात इंस्पेक्टर मनोज मनराल का अचानक हृदयाघात से निधन हो गया।
कार्यालय से निकलने के बाद कार में बैठे समय उन्हें सीने में दर्द उठा। दून अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई।
उनके असामयिक निधन से पुलिस महकमे में शोक की लहर है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें एक कर्मठ, जिम्मेदार और सौम्य अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।


