पेड़ों की कटाई पर बढ़ा विरोध, पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग

पेड़ों की कटाई पर बढ़ा विरोध, पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग

देहरादून। भानियावाला-ऋषिकेश रोड परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे शांतिपूर्ण अनशन और धरना-प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्वयं सुरक्षा संघ, उत्तराखंड ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

संगठन ने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन पर्यावरण और प्राकृतिक विरासत की कीमत पर विकास स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रभारी दिनेश मलिक ने कहा कि सड़क और आधारभूत सुविधाओं का विकास जरूरी है, लेकिन इसके लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना भविष्य की पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार को विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए निर्णय लेना चाहिए।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष रेशू कुमार चौधरी ने कहा कि पेड़ केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि जल, वायु, जैव विविधता और मानव जीवन के संरक्षण का सबसे मजबूत आधार हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और अनावश्यक पेड़ों की कटाई से बचा जाना चाहिए।

संगठन की प्रमुख मांगें

  • ऋषिकेश रोड परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव का गंभीर और पारदर्शी आकलन किया जाए।
  • पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखा जाए।
  • स्थानीय लोगों, पर्यावरण विशेषज्ञों और सभी हितधारकों से संवाद कर सर्वसम्मति से समाधान निकाला जाए।

राष्ट्रीय स्वयं सुरक्षा संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा एक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रयास है।

इस अवसर पर संगठन की ओर से श्रीनिवास, शिवा चौधरी, तरुण सिरोही, सुधीर बालीयान, संजीव शर्मा, संजीव बालीयान, भगवानदास, नरेंद्र पाल, नवीन आर्या और अमित तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।