धारी में बाहरी लोगों की जमीन खरीद पर RTI से हड़कंप, पांच वर्षों का रिकॉर्ड खंगालेगा प्रशासन
- हेमंत सिंह गौनिया की आरटीआई पर तीन विभागों से मांगी गई जानकारी, भूमि खरीद, दाखिल-खारिज, कंपनियों, रिसॉर्ट और अवैध प्लॉटिंग के रिकॉर्ड होंगे सार्वजनिक
धारी/नैनीताल। नैनीताल जिले की धारी तहसील में बाहरी व्यक्तियों, कंपनियों, फर्मों और बिल्डरों द्वारा खरीदी गई भूमि को लेकर दायर एक विस्तृत सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है।
समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया द्वारा दायर 12 बिंदुओं वाले आवेदन में भूमि खरीद-फरोख्त, दाखिल-खारिज, भूमि श्रेणी परिवर्तन, वन भूमि, कॉलोनाइजेशन, रिसॉर्ट, होटल, होम-स्टे और अवैध प्लॉटिंग से जुड़े रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।
आवेदन को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी, धारी कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(3) के तहत इसे संबंधित विभागों को हस्तांतरित कर दिया है।
पत्र संख्या 24/सू.का.अधि./2025-26, दिनांक 6 जुलाई 2026 के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध कराते हुए कार्रवाई से एसडीएम कार्यालय को भी अवगत कराया जाए।
तीन विभागों से मांगी गई सूचना
आरटीआई आवेदन निम्न विभागों को भेजा गया है-
- जिलाधिकारी कार्यालय, नैनीताल
- खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय, धारी
- उप निबंधक कार्यालय, धारी
आरटीआई में क्या-क्या मांगा गया है?
आवेदन में वर्ष 2023 से वर्तमान तक, विशेष रूप से सुन्दरखाल और धनाचूली सहित धारी तहसील क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों, कंपनियों, फर्मों और ट्रस्टों द्वारा खरीदी गई भूमि का पूरा विवरण मांगा गया है।
इसमें खरीदारों के नाम-पते, खाता-खसरा संख्या, भूमि की श्रेणी, क्षेत्रफल, रजिस्ट्री, नामांतरण (दाखिल-खारिज) और भूमि श्रेणी परिवर्तन का रिकॉर्ड भी शामिल है।
इसके अलावा यह भी जानकारी मांगी गई है कि कितने मामलों में निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदी गई, किन मामलों में एक ही परिवार या सहयोगियों के नाम पर अलग-अलग रजिस्ट्रियां कराई गईं और उन पर क्या कार्रवाई हुई।
आवेदन में वन भूमि, प्रतिबंधित भूमि, सड़क निर्माण, पेड़ कटान, कॉलोनाइजेशन, रिसॉर्ट, होटल, होम-स्टे और प्लॉटिंग परियोजनाओं से संबंधित स्वीकृतियों तथा भूमि घोटाले, अवैध प्लॉटिंग, गलत दाखिल-खारिज और वन भूमि अतिक्रमण से जुड़े मामलों की जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का विवरण भी मांगा गया है।
भूमि खरीद को लेकर पहले से उठते रहे हैं सवाल
धारी तहसील के सुन्दरखाल, धनाचूली और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से बाहरी लोगों द्वारा तेजी से भूमि खरीद की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में यह आरटीआई कई अहम तथ्यों को सामने ला सकती है।
यदि रिकॉर्ड में किसी व्यक्ति, कंपनी या संस्था द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदने अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उस पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई भी सार्वजनिक होगी। अब सभी की निगाहें संबंधित विभागों की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।
माना जा रहा है कि इस आरटीआई से धारी तहसील में बाहरी लोगों द्वारा खरीदी गई जमीन का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा और यह भी स्पष्ट होगा कि भूमि खरीद के दौरान नियमों का कितना पालन हुआ तथा किन मामलों में जांच या कार्रवाई की आवश्यकता पड़ी।

