उत्तराखंड में मानसून का कहर। 173 सड़कें बंद, यमुनोत्री हाईवे बहा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून का कहर। 173 सड़कें बंद, यमुनोत्री हाईवे बहा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने शनिवार को देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश के कारण सड़कें बंद हैं और राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

देहरादून जिला आपदा प्रबंधन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 121 सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से 110 मार्ग खोल दिए गए हैं, जबकि 11 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें 3 मुख्य जिला मार्ग, 13 राज्य मार्ग और 105 ग्रामीण मार्ग प्रभावित हुए थे। पेयजल और विद्युत आपूर्ति अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य है।

173 सड़कें बंद, कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित

लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में 173 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार पौड़ी गढ़वाल में 27 और देहरादून में 23 सड़कें मलबा आने से बाधित हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार मार्ग खोलने में जुटे हुए हैं।

यमुनोत्री हाईवे बहा, 1000 यात्री सुरक्षित निकाले गए

उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 100 मीटर हिस्सा बह जाने से लगभग 1000 यात्री 27 घंटे तक फंस गए थे। प्रशासन ने सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया है।

अधिकारियों के अनुसार हाईवे को दोबारा चालू करने में करीब दो दिन का समय लग सकता है। गंगोत्री हाईवे भी कई स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित है।

नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

उत्तरकाशी के हर्षिल में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ा है, जबकि रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों में पानी बढ़ने से निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रदेश की प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

रामनगर में कोसी नदी के उफान के कारण गर्जिया देवी मंदिर के पास दुकानों में पानी घुस गया। दुकानदारों ने समय रहते अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया।

बारिश से जुड़े हादसे और रेस्क्यू

ऋषिकेश में बीन नदी के तेज बहाव में फंसे एक स्कूटी सवार को ग्रामीणों ने सुरक्षित बचा लिया। हरिद्वार के बैरागी कैंप में गंगा किनारे स्टंट करते समय एक थार नदी में गिर गई, लेकिन दोनों सवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस ने वाहन को सीज कर दिया है।

वहीं नैनीताल हाईकोर्ट के पास पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए, जिन्हें SDRF, पुलिस और फायर सर्विस ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।

देहरादून जिला अपडेट

जिला आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार 15 जून से अब तक पेयजल से जुड़ी 22 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

जलभराव की 16 शिकायतों में से 13 का समाधान हो गया है, जबकि तीन पर कार्रवाई जारी है। पेड़ गिरने की 14 घटनाओं का भी निस्तारण कर दिया गया है। नगर निगम ने 23 जर्जर भवनों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

अगले तीन दिनों का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 12 से 14 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का दौर जारी रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और यात्रा से पहले मौसम व सड़क मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य लें। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से भी मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी गई है।