खास खबर: उत्तराखंड में आस्था का महासैलाब। चारधाम यात्रा में 190 मौतें, कैंची धाम में लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब

उत्तराखंड में आस्था का महासैलाब। चारधाम यात्रा में 190 मौतें, कैंची धाम में लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब

देहरादून। उत्तराखंड इन दिनों आस्था के दो बड़े केंद्रों चारधाम यात्रा और कैंची धाम स्थापना दिवस मेले के चलते श्रद्धालुओं से गुलजार है। एक ओर चारधाम यात्रा में अब तक 34 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

वहीं दूसरी ओर बाबा नीम करौरी महाराज के कैंची धाम में भी लाखों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हालांकि, बढ़ती भीड़ के बीच स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।

चारधाम यात्रा शुरू होने के 56 दिनों के भीतर 190 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, सबसे अधिक 91 मौतें केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा बदरीनाथ मार्ग पर 57, यमुनोत्री में 25 और गंगोत्री में 17 श्रद्धालुओं की जान गई है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 11 जून तक 6 लाख 42 हजार 321 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 23 हजार 657 यात्री हाइपरटेंशन, डायबिटीज, हृदय रोग और अस्थमा जैसी कोमोरबिडिटी से पीड़ित पाए गए। इनमें 2,697 श्रद्धालु हाई रिस्क श्रेणी में थे, लेकिन केवल 170 लोगों ने ही अपनी यात्रा स्थगित की।

यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक 2 लाख 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का उपचार किया जा चुका है। गंभीर रूप से बीमार 89 यात्रियों को हेलीकॉप्टर और 753 श्रद्धालुओं को एंबुलेंस के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

इधर, नैनीताल जिले के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस मेले का शुभारंभ विशेष आरती के साथ हो गया है। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

कैंची धाम मेले में करीब 1,500 पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है। एसडीआरएफ, एटीएस, बम निरोधक दस्ता और एलआईयू की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था में जुटी हैं। मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कैंची धाम मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली, भीमताल, नैनीताल और अल्मोड़ा समेत विभिन्न स्थानों से शटल सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित यात्रियों से स्वास्थ्य परीक्षण कराने और हेल्थ एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

वहीं, नैनीताल पुलिस ने कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया है।

उत्तराखंड में उमड़ रही आस्था के इस महाकुंभ के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है।