नैनीझील में मिला अज्ञात शव, हिट एंड रन में युवक की मौत, फर्जी अस्पताल सील
देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को तीन अलग-अलग घटनाओं ने लोगों का ध्यान खींचा। नैनीताल में नैनीझील से एक अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई, उधम सिंह नगर में हिट एंड रन हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दिनेशपुर में प्रशासन ने गुप्त जांच के बाद एक अवैध अस्पताल को सील कर दिया।
नैनीझील में मिला अज्ञात शव, इलाके में मचा हड़कंप
नैनीताल की प्रसिद्ध नैनीझील में गुरुवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार टैक्सी बाइक चालक सूरज आर्या ने झील में शव उतराता हुआ देखा और तत्काल इसकी सूचना मल्लीताल पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को झील से बाहर निकाला। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक सफेद रुमाल, गुटखा और 15 रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार शव की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।
प्रथम दृष्टया मृतक बाहरी व्यक्ति प्रतीत हो रहा है।
पुलिस शव को नाव के जरिए मल्लीताल लाई, जहां अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पहचान के प्रयास जारी हैं।
हिट एंड रन हादसे में परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत
उधम सिंह नगर जिले के बगवाड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय दीपक साहनी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दीपक मंडी गेट के सामने सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल दीपक को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दीपक टाइल्स लगाने का काम करते थे और परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और एक छोटा बच्चा है।
घटना की सूचना पर चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह रिग्वाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार वाहन चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पटवारी बनी मरीज, गुप्त जांच के बाद अवैध अस्पताल पर कार्रवाई
रुद्रपुर के दिनेशपुर क्षेत्र में प्रशासन ने एक निजी अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। अस्पताल पर बिना वैध अनुमति चिकित्सा सेवाएं संचालित करने और अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप थे।
शिकायतों की पुष्टि के लिए एसडीएम रिचा सिंह ने अनोखी रणनीति अपनाई। तहसील की एक महिला पटवारी को मरीज बनाकर अस्पताल भेजा गया, जिसने अंदर की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अस्पताल पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान अस्पताल संचालक आवश्यक लाइसेंस और वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कई गंभीर अनियमितताएं मिलने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासन ने संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


