RTI खुलासा: नैनीताल में 5 साल में 174 बिजली चोरी जांच, करोड़ों की वसूली उजागर

नैनीताल में 5 साल में 174 बिजली चोरी जांच, करोड़ों की वसूली उजागर

नैनीताल। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम 2005 के तहत समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गौनिया द्वारा मांगी गई जानकारी से उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के विद्युत वितरण खण्ड नैनीताल की कार्यप्रणाली से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। आरटीआई के खुलासे के बाद विभाग में खलबली मच गई है।

विद्युत वितरण खण्ड नैनीताल के लोक सूचना अधिकारी एवं अधिशासी अभियन्ता द्वारा जारी पत्रांक 464, दिनांक 18 फरवरी 2026 के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक नैनीताल खण्ड के अंतर्गत 104 औद्योगिक तथा 7,656 वाणिज्यिक विद्युत संयोजन संचालित हैं।

विभाग ने बताया कि इनसे संबंधित विस्तृत जानकारी 801 पृष्ठों की एक्सेल शीट में उपलब्ध है, जिसे निर्धारित शुल्क 1,602 रुपये जमा करने के बाद प्राप्त किया जा सकता है।

आरटीआई में सबसे बड़ा खुलासा बिजली चोरी और गलत श्रेणी में विद्युत उपयोग के मामलों को लेकर हुआ है। विभागीय अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल 174 जांच अभियान चलाए गए।

इनमें वर्ष 2021-22 में 18, वर्ष 2022-23 में 28, वर्ष 2023-24 में 20, वर्ष 2024-25 में 72 तथा वर्ष 2025-26 में 36 मामलों की जांच की गई।

विभागीय सूचना के अनुसार इन मामलों में लाखों रुपये के विद्युत निर्धारण किए गए तथा करोड़ों रुपये की वसूली भी की गई। कई मामलों में बिजली कनेक्शन विच्छेदित किए गए और संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

हालांकि आरटीआई के जवाब में विभाग ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले पांच वर्षों में केवल कागजों पर संचालित कंपनियों अथवा फर्मों से संबंधित कोई सूचना उसके अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा बिजली चोरी अथवा अन्य अनियमितताओं के मामलों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ी जानकारी भी रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं बताई गई।

आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गौनिया ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से जनहित से जुड़े मामलों को लगातार उजागर किया जा रहा है।

उनका कहना है कि विभिन्न विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि लगातार हो रहे खुलासों से कई सरकारी विभागों में हड़कंप की स्थिति है।