बिग ब्रेकिंग: हाईकोर्ट में गूंजा रामपुर तिराहा कांड, उपनल कर्मचारियों को मिली राहत। सरकार से मांगा जवाब

हाईकोर्ट में गूंजा रामपुर तिराहा कांड, उपनल कर्मचारियों को मिली राहत। सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई। एक ओर राज्य आंदोलन के दौरान हुए चर्चित रामपुर तिराहा कांड में आरोपियों को सजा दिलाने से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई।

वहीं दूसरी ओर वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे उपनल संविदा कर्मचारियों को लेकर भी अदालत ने अहम टिप्पणी की।

रामपुर तिराहा कांड मामले में न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को सीबीआई द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत रिकॉर्ड के संबंध में दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई भी दो सप्ताह बाद तय की गई है।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि केस देहरादून से मुजफ्फरनगर ट्रांसफर होने के बाद पांच आरोपी बहाल हो गए थे।

इसके खिलाफ सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो अभी विचाराधीन है। इस पर अदालत ने याचिकाकर्ता से अपना पक्ष शपथपत्र के माध्यम से रखने को कहा है।

यह मामला उत्तराखंड आंदोलनकारी अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष रमन शाह द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में मुजफ्फरनगर कांड से संबंधित मुकदमे को देहरादून से मुजफ्फरनगर स्थानांतरित करने के आदेश को चुनौती दी गई है।

गौरतलब है कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा में आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

वहीं दूसरी ओर उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतनमान से जुड़े मामले में न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने सुनवाई की।

अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि कर्मचारियों को पहले न्यूनतम वेतनमान दिया जाए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि उपनल कर्मियों की जगह नई नियुक्तियों की प्रक्रिया वापस ले ली गई है और सरकार उन्हें न्यूनतम वेतनमान देने के लिए तैयार है। हालांकि सरकार ने यह भी शर्त रखी कि कर्मचारी अन्य अतिरिक्त मांगें नहीं करेंगे।

उपनल कर्मचारी संघ की ओर से दलील दी गई कि वर्ष 2013 की नियमावली के तहत स्कंद पुष्प केंद्र में कार्यरत उपनल कर्मियों को नियमित किया गया था, इसलिए समान आधार पर अन्य कर्मचारियों को भी नियमित किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट की पूर्व खंडपीठ नियमितीकरण को लेकर आदेश दे चुकी है, लेकिन सरकार ने अब तक उस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।

दोनों मामलों में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। उपनल कर्मचारियों से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी, जबकि रामपुर तिराहा कांड मामले में दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई की जाएगी।