अपराध की तिहरी वारदात। लूट, रहस्यमयी मौत और करोड़ों की धोखाधड़ी
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार को अपराध, रहस्यमयी घटनाओं और करोड़ों रुपये के विवादों से जुड़े तीन बड़े मामले सामने आए।
देहरादून में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का अपहरण कर लूटपाट और मारपीट के बाद उसे नदी में फेंक दिया गया, जबकि हरिद्वार में गंगनहर से महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
वहीं बहादराबाद क्षेत्र में करोड़ों रुपये की टाउनशिप परियोजना को लेकर सात लोगों पर धोखाधड़ी और कब्जे का मुकदमा दर्ज किया गया है।
राजधानी देहरादून के थाना प्रेमनगर क्षेत्र में आईटी पार्क में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश कुमार के साथ देर रात वारदात हुई।
आरोप है कि सहस्रधारा क्रॉसिंग से स्कूटी सवार दो युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए। घंटाघर, बिंदाल पुल और गढ़ी कैंट होते हुए आरोपी उसे जामुनवाला पुल तक ले गए, जहां मारपीट कर उसका बैग, दो मोबाइल और नकदी लूट ली गई। इसके बाद बदमाशों ने युवक को पुल से नीचे नदी में फेंक दिया।
गंभीर रूप से घायल युवक पूरी रात पत्थरों के बीच पड़ा रहा। सुबह स्थानीय लोगों ने उसकी आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उसे दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरने से उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर बताया गया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
उधर हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में कस्सबान मोहल्ले के पास गंगनहर में झाड़ियों में फंसा एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और जल पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
महिला की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है और उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है।
इसी दौरान हरिद्वार पुलिस ने 35 साल पहले हरियाणा के झज्जर से लापता हुए किसान की पहचान कर उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई।
कुछ दिन पहले मंदिर परिसर से मिले अज्ञात शव की पहचान हाथ पर गुदे नाम के आधार पर उदयवीर के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को खोजकर शव सौंप दिया, जिसके बाद खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं बहादराबाद थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की चर्चित रियल एस्टेट परियोजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दिल्ली और गाजियाबाद के कारोबारियों ने सात लोगों पर धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति कब्जाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2014 में संयुक्त एमओयू के तहत रुड़की के बढ़ेड़ी राजपूताना क्षेत्र में टाउनशिप परियोजना शुरू की गई थी।
आरोप है कि साझेदार कारोबारी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने कथित रूप से साझेदारी के तथ्य छिपाकर पूरी संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली और परियोजना पर कब्जे का प्रयास किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है।

