उत्तराखंड में सनसनीखेज घटनाओं की भरमार। अवैध सट्टा रैकेट, फर्जी गैंगरेप, नशा मुक्ति केंद्र में मौत, और….
देहरादून। उत्तराखंड में एक के बाद एक सामने आए गंभीर मामलों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हल्द्वानी में नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत, देहरादून में ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा, रुद्रपुर में अज्ञात शव मिलने और किशोर की आत्महत्या, तथा चंपावत के कथित नाबालिग गैंगरेप केस में साजिश का पर्दाफाश चर्चा का विषय बने हुए हैं।
हल्द्वानी: नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत
हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र स्थित “हमारा संकल्प नशा मुक्ति समिति” केंद्र पर 17 वर्षीय शुभम सिंह अधिकारी की मौत के बाद गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों ने केंद्र संचालकों और कर्मचारियों पर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
त्रिलोक नगर, मल्ली बमोरी निवासी शुभम परिवार का इकलौता बेटा था। पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसकी मां मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। परिवार का कहना है कि शुभम को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए करीब दो महीने पहले केंद्र में भर्ती कराया गया था।
मृतक के मामा नरेंद्र सिंह के अनुसार 21 अप्रैल को शुभम की मां उससे मिलने केंद्र पहुंची थीं। उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था और सामान्य रूप से बातचीत कर रहा था।
परिवार ने उसी दिन 15 हजार रुपये फीस भी जमा कराई थी। आरोप है कि इसके बाद अचानक केंद्र संचालकों ने युवक की तबीयत बिगड़ने, बेहोश होने और हार्ट अटैक जैसी बातें बतानी शुरू कर दीं।
परिवार के सदस्य गौरव बिष्ट का आरोप है कि 24 अप्रैल की रात केंद्र के लोग शुभम को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे और इमरजेंसी में छोड़कर फरार हो गए।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शुभम को “ब्रेन डेड” घोषित कर दिया। परिजनों का दावा है कि उसके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे और शरीर के अंदरूनी अंगों में संक्रमण था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को सील कर दिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी ने बताया कि केंद्र संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
देहरादून: दुबई से संचालित IPL सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़
देहरादून पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ की संयुक्त टीम ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
वसंत विहार थाना क्षेत्र के ऋषि विहार कॉलोनी स्थित किराये के फ्लैट से संचालित इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़कर आईपीएल मैचों में सट्टा खिलवा रहे थे। शुरुआती जांच में नेटवर्क के तार दुबई से संचालित प्रतिबंधित “महादेव एप” और “रेडीबुक बेटिंग एप” से जुड़े मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यूजर आईडी और पासवर्ड उन्हें दिल्ली-गुरुग्राम निवासी सुमित यादव उपलब्ध कराता था, जिसे दुबई से एक्सेस मिलता था।
आरोपियों के मुताबिक ग्राहकों के लिए अलग-अलग यूजर आईडी बनाई जाती थीं और खातों में पैसा जमा कराने के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी करवाई जाती थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 3 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड, एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर कनेक्शन और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी डिजिटल सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में सुनील शर्मा, संदीप गुप्ता, संदीप कुमार, अकरंद शर्मा और अभिषेक शर्मा शामिल हैं।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम 1867 की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब बैंक खातों और दुबई कनेक्शन की जांच की जा रही है।
रुद्रपुर: अज्ञात शव मिलने से मचा हड़कंप
रुद्रपुर के सिडकुल ढाल स्थित अटरिया मंदिर क्षेत्र में सड़क किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चौकी प्रभारी सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों और दुकानदारों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
इसी बीच ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद को वजह माना जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
चंपावत कथित गैंगरेप केस में नया मोड़
चंपावत के चर्चित कथित नाबालिग गैंगरेप मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस पहले ही साफ कर चुकी थी कि नाबालिग के साथ गैंगरेप नहीं हुआ था, बल्कि निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।
अब इस मामले में दो वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पीड़िता और उसके चचेरे भाई ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
वीडियो में पीड़िता ने कहा कि उसके साथ कोई गलत घटना नहीं हुई और कमल रावत तथा उसकी महिला मित्र ने पूरी साजिश रची थी। पीड़िता के अनुसार योजना यह थी कि आरोपियों को झूठे गैंगरेप केस में फंसाया जाए।
वहीं पीड़िता के चचेरे भाई ने 50 लाख रुपये में समझौते के दावे को भी झूठा बताया। उसने कहा कि कमल रावत ने ही उसे गुमराह किया और एसपी को संदेश भेजने के लिए उकसाया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि कमल रावत और उसकी महिला मित्र ने नाबालिग को अपने जाल में फंसाकर पूरी कहानी तैयार की थी। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई और शरीर पर चोट के निशान भी नहीं मिले।
पुलिस ने कमल रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरे आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
9 वर्षीय मासूम संग दुष्कर्म
ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मां के साथ सो रही 9 साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोस में रहने वाले युवक राहुल ने रेप की वारदात को अंजाम दिया।
घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब मां की नींद खुली और उसने आरोपी को बच्ची के साथ नग्न हालत में देख लिया। शोर मचने पर आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पति दिल्ली में करता है काम, बच्चों के साथ अकेली रहती है महिला
मामला रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका पति दिल्ली में काम करता है। वह अपने तीन बच्चों के साथ किराये के मकान में रहती है। आरोपी युवक अपने माता-पिता के साथ पड़ोस के कमरे में रहता है और परिवार का परिचित था।
देर रात कमरे में घुसा आरोपी
महिला के अनुसार रात में खाना खाने के बाद वह अपने तीनों बच्चों के साथ कमरे में फर्राटा वाला पंखा चलाकर सो गई थी। देर रात पड़ोसी ओमवीर सिंह का बेटा राहुल चुपके से उनके कमरे में घुस आया और उसकी 9 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
पैर टकराने से खुली मां की नींद
महिला ने बताया कि अचानक आरोपी का पैर उसके पैर से टकराया, जिससे उसकी आंख खुल गई। उसने देखा कि आरोपी उसकी बेटी के साथ नग्न हालत में था। यह देखते ही महिला चीख पड़ी।
भागने की कोशिश में था आरोपी, लोगों ने पकड़ा
महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भागने लगा, लेकिन आसपास के लोग जाग गए और उसे पकड़ लिया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कथित नाबालिग गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा
खटीमा। चंपावत कथित नाबालिग गैंगरेप केस में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में मामला सुनियोजित षड़यंत्र निकला।
पुलिस ने मुख्य षड़यंत्रकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि बदले की भावना से निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।
चंपावत कथित नाबालिग गैंगरेप केस में लड़की को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
थाना चम्पावत क्षेत्र में राम सिंह रावत की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उक्त मामले में कमल सिंह रावत, उसकी महिला मित्र और आनन्द सिंह मेहरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। सुनियोजित तरीके से निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 16 और 17 भी बढ़ाई हैं। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कमल सिंह रावत और महिला मित्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वहीं तीसरे आरोपी के खिलाफ पुलिस की विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा कि कानून का दुरुपयोग करने और समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

