देहरादून गोलीकांड का बड़ा खुलासा। ओवरटेक नहीं, ‘बिल’ बना मौत की वजह, देखें….
देहरादून। राजधानी देहरादून में 30 मार्च की सुबह हुए सनसनीखेज गोलीकांड और रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा खुलासा किया है।
शुरुआती तौर पर जिस घटना को कार ओवरटेक का विवाद माना जा रहा था, अब वह पूरी तरह बदलकर क्लब के ‘बिल भुगतान’ को लेकर शुरू हुए झगड़े से जुड़ी सामने आई है।
देखें वीडियो:-
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, 29 मार्च की रात मसूरी रोड स्थित जेन जी क्लब में कुछ युवकों और क्लब स्टाफ के बीच बिल को लेकर तीखा विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
क्लब सील, लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
घटना के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए मसूरी रोड स्थित क्लब को सील कर दिया है। साथ ही क्लब का लाइसेंस रद्द करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल को सिफारिश भेजी गई है। पुलिस का मानना है कि यदि क्लब में समय रहते स्थिति संभाली जाती, तो यह घटना टाली जा सकती थी।
सुबह पीछा, फिर सड़क पर गोलियां
पुलिस जांच के मुताबिक, रात के विवाद के बाद मामला शांत नहीं हुआ। 30 मार्च की सुबह जब क्लब संचालक परिसर बंद कर घर लौट रहे थे, तभी विवाद में शामिल युवक उनके पीछे लग गए।
जोहरी गांव के पास दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जहां कहासुनी के बाद अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। इसी दौरान सड़क किनारे मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
CCTV में कैद हुई वारदात
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर के बीच तेज रफ्तार पीछा और गोलीबारी साफ देखी जा सकती है।
फुटेज में गोलियों की आवाज और सड़क पर अफरा-तफरी का मंजर इस वारदात की भयावहता को दिखाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय कई लोग मॉर्निंग वॉक पर थे, जो इस पूरी घटना के गवाह बने।
आरोपी फरार, पुलिस की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक
- दिल्ली नंबर की स्कॉर्पियो में सवार आरोपी फरार हैं
- फॉर्च्यूनर सवार युवकों को हिरासत में लिया गया है।
- सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने देहरादून में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े सड़क पर हुई गोलीबारी और एक निर्दोष पूर्व सैन्य अधिकारी की मौत ने यह साफ कर दिया है कि शहर में अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं।
पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी एंगल से जांच जारी है, लेकिन यह घटना एक कड़वा सच भी सामने लाती है। छोटी सी बहस कैसे जानलेवा हिंसा में बदल सकती है।



