कनेक्शन कटे, घोटाला फूटा। उत्तराखंड में दोहरी कार्रवाई से हड़कंप
देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर जहां ऊर्जा निगम बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर रुद्रपुर में गैस एजेंसी के फर्जीवाड़े ने प्रशासन और जनता दोनों को झकझोर दिया है।
अल्मोड़ा में Uttarakhand Power Corporation Limited ने 8 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य तय कर बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत कैबिनेट मंत्री Rekha Arya के भाई दीपक आर्या के गोदाम का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया, जिन पर करीब 94 हजार रुपये का बकाया था।
इसके अलावा आईटीआई और डीएफओ कार्यालय समेत कई सरकारी विभागों के कनेक्शन भी काटे गए। निगम अब तक करीब 6 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है।
उधर हरिद्वार में भी ऊर्जा निगम की कार्रवाई जारी है, जहां बकाया बिल न चुकाने पर जिला महिला अस्पताल का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। अस्पताल पर करीब 37 लाख रुपये का बकाया था।
ज्वालापुर क्षेत्र में 100 स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटे गए, जबकि 110 उपभोक्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। हालांकि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं जेनरेटर से संचालित की जा रही हैं।
वहीं रुद्रपुर में गैस एजेंसी के फर्जीवाड़े ने बड़ा खुलासा किया है। भाजपा विधायक Shiv Arora खुद इस धोखाधड़ी के शिकार बने।
उनकी पत्नी के नाम पर बिना बुकिंग के गैस डिलीवरी दिखाकर कालाबाजारी करने का मामला सामने आया। जांच में कई अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी सामने आई है।
मामले की जानकारी मिलते ही विधायक ने मौके पर पहुंचकर कड़ी नाराजगी जताई और एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
कुल मिलाकर उत्तराखंड में एक ओर बिजली बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है, तो दूसरी ओर गैस एजेंसी के फर्जीवाड़े ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




