नेताओं के दावे, सरकार के फैसले और दलबदल से उत्तराखंड में बदलता सियासी समीकरण
देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर जहां राजनीतिक बयानबाजी और दलबदल ने सियासी पारा चढ़ा दिया है, वहीं दूसरी ओर सरकार विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने में जुटी हुई है।
नैनीताल पहुंचे केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और केरल समेत कई राज्यों में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचने वाला बताया।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए मांझी ने कहा कि भारत शांति और संवाद का पक्षधर देश है और मध्य पूर्व तनाव के बावजूद देश में तेल-गैस आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
इधर देहरादून में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य में विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं।
गंगा कॉरिडोर, त्रिवेणी घाट पुनर्विकास, MSME को राहत, उप-निबंधक कार्यालयों की सुरक्षा, चंपावत में मल्टी स्टोरी पार्किंग और जखाणा जल विद्युत परियोजना जैसे कई फैसलों से प्रदेश में निवेश, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन और RRTS विस्तार जैसे प्रस्तावों को तेजी से आगे बढ़ाने का आग्रह किया। साथ ही 2027 के कुंभ को ‘डिजिटल कुंभ’ के रूप में विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया गया।
वहीं, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में दलबदल का दौर तेज हो गया है। दिल्ली में Indian National Congress के मुख्यालय में भाजपा और अन्य दलों के 6 बड़े नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा।
इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt ने तंज कसते हुए कहा कि निष्कासित नेताओं को शामिल करना भाजपा की 2027 में जीत की हैट्रिक का संकेत है।
उधर कांग्रेस ने इसे अपनी मजबूती का संकेत बताते हुए दावा किया कि आने वाले समय में और बड़े नेता पार्टी में शामिल होंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा की नीतियों से जनता और कार्यकर्ताओं का मोहभंग हो रहा है।
इस बीच भाजपा ने भी संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश कार्यालय का विस्तार शुरू कर दिया है। नए परिसर में हवन-पूजन के साथ कार्यों की शुरुआत करते हुए पार्टी ने 2027 चुनावों के लिए अपनी तैयारियों को धार देने का संकेत दिया है।
कुल मिलाकर उत्तराखंड में एक ओर विकास योजनाओं की रफ्तार तेज हो रही है, तो दूसरी ओर सियासी बयानबाजी और दलबदल ने आगामी चुनावों को लेकर माहौल गर्म कर दिया है।

