देहरादून में आस्था का महासमागम, 94 फीट ऊंचे झंडे जी का हुआ भव्य आरोहण
देहरादून। प्रेम, सद्भाव और आस्था के प्रतीक ऐतिहासिक श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में आज पारंपरिक विधि-विधान के साथ 94 फीट ऊंचे झंडे जी का भव्य आरोहण किया गया।
पुराने झंडे जी को उतारने, पूजा-अर्चना और गिलाफ चढ़ाने की दिनभर चली प्रक्रिया के बाद दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में झंडा जी का आरोहण हुआ।
इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से लाखों की संख्या में संगत और श्रद्धालु दरबार साहिब पहुंचे।
सुबह करीब 7 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ पुराने झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद नए झंडे जी को दूध, दही और गंगाजल से स्नान कराया गया। परंपरा के अनुसार सुबह 10 बजे से सादे गिलाफ चढ़ाने का कार्यक्रम शुरू हुआ, जबकि दोपहर 1 बजे दर्शनी गिलाफ चढ़ाया गया।
इस वर्ष देहरादून के पार्क रोड निवासी व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस दौरान दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को आशीर्वाद देते हुए सभी के सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान के साथ झंडे जी का आरोहण कराया।
झंडे जी के खड़े होते ही दरबार साहिब परिसर में श्रद्धालुओं की जयकारों और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चैत्र मास की कृष्ण पंचमी को दरबार साहिब में झंडे जी के आरोहण के साथ ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू हो जाता है। इस वर्ष यह मेला 27 मार्च, रामनवमी तक चलेगा।
मेले के धार्मिक आयोजन 25 फरवरी से ही शुरू हो चुके हैं, जबकि 28 फरवरी से उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और विदेशों से भी संगतों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
दरबार साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर का इंतजार करते हैं और झंडा मेले में शामिल होने देहरादून पहुंचते हैं।
मेले के प्रमुख कार्यक्रमों में 10 मार्च को सुबह 7:30 बजे दरबार साहिब से नगर परिक्रमा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके बाद विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ 27 मार्च को रामनवमी के दिन मेले का समापन होगा।
इतिहास के अनुसार सिखों के सातवें गुरु हर राय के बड़े पुत्र श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म वर्ष 1646 ईस्वी में पंजाब के होशियारपुर जिले के किरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया और यहां दरबार साहिब की स्थापना की।
उन्होंने लोककल्याण और मानवता का संदेश देते हुए यहां एक विशाल ध्वजदंड स्थापित किया, जिससे श्रद्धालु ध्वज के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रेरणा लेते हैं। इसी परंपरा के तहत हर वर्ष होली के पांचवें दिन श्री गुरु राम राय महाराज का जन्मोत्सव झंडा मेले के रूप में मनाया जाता है।
इस बार दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य पाने वाले अनिल कुमार गोयल देहरादून के पीपल मंडी क्षेत्र में पीतांबर दास एंड संस नाम से फुटकर और थोक व्यापार करते हैं।
बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर वर्ष झंडा मेले में शामिल होने आते हैं और गुरु महाराज की कृपा से उनके परिवारों की मनोकामनाएं पूरी हुई हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि गुरु महाराज के आशीर्वाद से उनके बच्चे विदेशों में रोजगार कर रहे हैं।


