उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का दौर, तापमान गिरा। स्कूल बंद, केदारनाथ में चार फीट बर्फ
देहरादून। उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद मौसम ने करवट ले ली है। वसंत पंचमी के दिन से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का दौर जारी है।
इससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है और मैदानी इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जनपदों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 2300 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने के आसार हैं।
राजधानी देहरादून में आंशिक बादल छाए रहने और सुबह कुहासा पड़ने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बर्फबारी के चलते स्कूलों में अवकाश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में 24 जनवरी को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
किसानों और पर्यटन को राहत
लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे किसानों, सेब काश्तकारों और बागवानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया है। वहीं बर्फबारी के बाद हिल स्टेशनों में पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ गई है और होटल कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं।
गैरसैंण में बर्फबारी के बीच यादगार विवाह
टिहरी गढ़वाल के गैरसैंण के पास जंगलचट्टी गांव में वसंत पंचमी के दिन सीजन की पहली बर्फबारी के बीच विवाह समारोह संपन्न हुआ।
कनोठ गांव से आई बारात के दौरान जयमाला और शादी की रस्में बर्फ के फाहों के बीच निभाई गईं। बर्फबारी में हुई यह शादी लोगों के लिए जीवन भर की याद बन गई और सोशल मीडिया पर भी इसे “सीजन की बेस्ट शादी” बताया जा रहा है।
हालांकि टिहरी जिले में भारी बर्फबारी के चलते कई सड़कें बंद हो गईं। मोरियाना टॉप के पास बारातियों के वाहन फंस गए, जिसके बाद दूल्हे को बारातियों के साथ बिंदालकोट तक पैदल जाना पड़ा। यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
केदारनाथ धाम चार फीट बर्फ में ढका
रुद्रप्रयाग जनपद की केदारघाटी और बाबा केदारनाथ धाम में बीते 24 घंटों से लगातार भारी बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ धाम करीब चार फीट मोटी बर्फ की चादर में ढक गया है। मंदिर प्रांगण में घुटनों तक बर्फ जम गई है, जिससे सभी पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं।
कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे तापमान के बावजूद पुलिस और आईटीबीपी के जवान सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैदी से डटे हुए हैं। जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।
बर्फबारी के बाद केदारनाथ धाम की पहाड़ियां चांदी की तरह चमक रही हैं, जिससे प्राकृतिक सुंदरता और अधिक निखर कर सामने आई है



