शिक्षा: टीबी उन्मूलन अभियान में साई इंस्टीट्यूट की पहल, 13 विद्यार्थियों समेत डॉ. आरती रौथान सम्मानित

टीबी उन्मूलन अभियान में साई इंस्टीट्यूट की पहल, 13 विद्यार्थियों समेत डॉ. आरती रौथान सम्मानित
  • 70 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर हर महीने उपलब्ध कराया जा रहा पोषण आहार, विद्यार्थियों को दिया गया जनस्वास्थ्य में योगदान का संदेश

देहरादून। क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन अभियान में योगदान देने पर साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 13 विद्यार्थियों और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आरती रौथान को सम्मानित किया गया।

निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने, निक्षय मित्र पोर्टल पर आंकड़े दर्ज करने और कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों के संचालन में सहयोग दिया।

संस्थान के इस प्रयास को टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में जतिन चोपड़ा, चेतन मनराल, निकिता पांडे, प्राची, वंशिका, अभिषेक, पीयूष, प्रेरणा, काजल नेगी, सृष्टि, हर्षित, आयुषी और मितिक्षा शामिल हैं। इन विद्यार्थियों ने निक्षय मित्र कार्यक्रम के विभिन्न कार्यों में सहयोग देकर टीबी उन्मूलन अभियान में अपनी भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम में डॉ. आरती रौथान को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने पिछले चार वर्षों से सरकार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए निक्षय मित्र कार्यक्रम के संचालन में निरंतर योगदान दिया है। उनकी सक्रिय भूमिका से कार्यक्रम की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और टीबी उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली है।

70 से अधिक टीबी मरीजों को लिया गोद

साई इंस्टीट्यूट की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया गया कि संस्थान अब तक 70 से अधिक टीबी मरीजों को गोद ले चुका है।

इन मरीजों को हर महीने पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो और उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण संबंधी सहयोग मिल सके।

संस्थान की ओर से नशे की लत के खिलाफ भी समाज में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करना है।

टीबी से बचाव पर दिया व्याख्यान

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनोज वर्मा ने टीबी पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बीमारी से बचाव, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और टीबी उन्मूलन में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जानकारी दी। कार्यक्रम में पैरामेडिकल के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।

इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष हरीश अरोड़ा, डॉ. एस.एस. गुसाईं, सीएओ, डॉ. शीबा फिलिप्स, प्रिंसिपल नर्सिंग, सुश्री श्रुति अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे।

टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य में जनभागीदारी पर जोर

निक्षय मित्र कार्यक्रम भारत सरकार के टीबी उन्मूलन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से टीबी से प्रभावित लोगों को सामुदायिक सहयोग उपलब्ध कराने और समाज के विभिन्न वर्गों को इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।

साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ओर से विद्यार्थियों और डॉ. आरती रौथान का सम्मान उनके समर्पण, सामाजिक सेवा और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस तरह की पहल विद्यार्थियों को सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग प्रदान करती है।