बिग ब्रेकिंग: 22 करोड़ गबन शिकायत पर हाईकोर्ट नाराज, CBI को सौंपा आरोपों की समीक्षा का जिम्मा

22 करोड़ गबन शिकायत पर हाईकोर्ट नाराज, CBI को सौंपा आरोपों की समीक्षा का जिम्मा

नैनीताल। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) में 22 करोड़ रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिस की ओर से पेश की गई जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे “अस्पष्ट और सतही” करार दिया है।

साथ ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को मामले के सभी दस्तावेजों का अध्ययन कर अपनी स्वतंत्र राय सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ता धीरज भंडारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने मामले की समीक्षा की।

याचिका में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ 22 करोड़ रुपये के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले में सीबीआई और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी पक्षकार बनाया गया है।

पुलिस रिपोर्ट से हाईकोर्ट असंतुष्ट

सुनवाई के दौरान अदालत ने 26 मार्च 2025 को दिए गए अपने पूर्व निर्देशों के अनुपालन में पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का परीक्षण किया।

पुलिस उपाधीक्षक (सर्किल डोईवाला, देहरादून) अनिल कुमार जोशी की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया था कि उपलब्ध ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को अपर्याप्त माना। अदालत ने टिप्पणी की कि रिपोर्ट में 15 नवंबर 2024 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई मूल शिकायत में लगाए गए आरोपों की न तो विस्तृत जांच दिखाई देती है और न ही उनके संबंध में कोई स्पष्ट निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया है।

कोर्ट ने कहा कि केवल ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देकर शिकायत के गंभीर आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

CBI को रिकॉर्ड का अध्ययन कर देने होंगे सुझाव

पुलिस जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, शिकायत पत्र, पुलिस रिपोर्ट और प्रतिवादियों द्वारा दाखिल अभिलेखों का गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से कहा कि एजेंसी आरोपों की प्रकृति और उपलब्ध सामग्री का परीक्षण कर अपनी विस्तृत राय सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे।

अदालत का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे मामले की स्वतंत्र समीक्षा का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। सीबीआई की राय के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है।

29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब सभी की नजरें सीबीआई की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में आगे किस दिशा में जांच बढ़ेगी।

यह मामला पिछले कुछ समय से उत्तराखंड क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों के कारण चर्चा में बना हुआ है। हाईकोर्ट की ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर इस प्रकरण को सुर्खियों में ला दिया है।