बिग ब्रेकिंग: न्याय से राहत और फर्जीवाड़े पर सख्ती! उत्तराखंड में लोक अदालत की तैयारी, ऋण घोटालों पर SIT जांच के निर्देश

न्याय से राहत और फर्जीवाड़े पर सख्ती! उत्तराखंड में लोक अदालत की तैयारी, ऋण घोटालों पर SIT जांच के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में आमजन को राहत देने और आर्थिक अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में दो महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एक ओर आगामी 12 सितंबर को नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर देहरादून जिला प्रशासन ने ऋण और ऋण बीमा फर्जीवाड़े के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए SIT जांच और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस, बैंक ऋण विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक मामले, बिजली-पानी बिल विवाद और अन्य दीवानी मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

इससे वादकारियों को समय और धन की बचत के साथ लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी। पक्षकार चाहें तो वर्चुअल माध्यम से भी कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।

वहीं, देहरादून में लगातार सामने आ रही ऋण फर्जीवाड़े की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने NBFC और HFC प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संदिग्ध मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने फर्जी तरीके से लोन दिलाने वाले एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। गंभीर मामलों की जांच SIT से कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को निगरानी समिति गठित करने, सभी वित्तीय संस्थाओं से ऋण और रिकवरी का ब्यौरा लेने तथा उप जिलाधिकारियों को क्षेत्रवार टास्क फोर्स बनाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का कहना है कि आम लोगों की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।