5 करोड़ की ज्वेलरी बरामद, साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़, जनता दरबार में अफसरों की फटकार, और…..
देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार को अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई, जनसेवा और जनता की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक सक्रियता चर्चा में रही। एक ओर तेलंगाना में हुई 5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी का उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर खुलासा किया।
वहीं एसटीएफ ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क का पर्दाफाश किया। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने बेटी की शादी के जेवरों से भरा खोया बैग ढूंढकर परिवार को राहत दी, जबकि रुद्रपुर में जनता दरबार के दौरान दूषित पेयजल की शिकायतों पर महापौर ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
तेलंगाना के हैदराबाद में एक कारोबारी के घर से चोरी हुए करीब 5 करोड़ रुपये के आभूषणों को बरामद करते हुए पुलिस ने नेपाल मूल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की नेपाल भागने की योजना थी, लेकिन तेलंगाना पुलिस की सूचना पर उधम सिंह नगर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर उन्हें बिलासपुर क्षेत्र से दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद हुई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
उधर, उत्तराखंड एसटीएफ ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उन्हें साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल करता था।
एसटीएफ ने हाल के दिनों में कई मुकदमे दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सहयोगियों की भी तलाश कर रही हैं।
रुद्रप्रयाग में पुलिस की संवेदनशीलता का उदाहरण उस समय देखने को मिला जब चमोली निवासी एक व्यक्ति का बैग बस में छूट गया। बैग में बेटी की शादी के लिए रखे गए जेवरात, कपड़े और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी माध्यमों की मदद से बस की पहचान की तथा चालक के सहयोग से बैग को सुरक्षित बरामद कर उसके मालिक को सौंप दिया। सामान वापस मिलने पर परिवार ने पुलिस का आभार जताया।
वहीं रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में आयोजित ‘महापौर जनता के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने दूषित पेयजल और अमृत योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। लोगों ने वीडियो और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर विकास शर्मा ने जल संस्थान के अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा मिलीं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन घटनाओं ने एक बार फिर दिखाया कि उत्तराखंड में पुलिस और प्रशासन अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान और जनसेवा के मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


