पर्यावरण दिवस पर जंगल में चली आरी! गदगदिया वन रेंज में चार पेड़ों की कटाई से उठे गंभीर सवाल

पर्यावरण दिवस पर जंगल में चली आरी! गदगदिया वन रेंज में चार पेड़ों की कटाई से उठे गंभीर सवाल

रिपोर्ट- दिलीप अरोरा
ऊधमसिंह नगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां देशभर में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के संदेश दिए जा रहे थे, वहीं ऊधमसिंह नगर के तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर की गदगदिया वन रेंज में कथित रूप से चार पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार गदगदिया वन रेंज के प्लॉट नंबर-5 में दिनदहाड़े पेड़ों पर आरी चलाकर उन्हें काट दिया गया। स्थानीय लोगों और वन प्रेमियों का आरोप है कि पर्यावरण दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर हुई यह घटना वन संरक्षण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर पेड़ों की कटाई हुई, वह गदगदिया क्षेत्राधिकारी कार्यालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

आरोप है कि कटाई के बाद लकड़ी से लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी क्षेत्र में देखी गईं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि लकड़ी को जंगल से बाहर भी ले जाया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले को लेकर जब गदगदिया रेंज के रेंजर से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। रेंजर के इस बयान के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

पर्यावरण और वन संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई जैसी गतिविधियां विभाग की जानकारी के बिना हो रही हैं, तो वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होना स्वाभाविक है।

घटना के बाद क्षेत्र के वन प्रेमियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई है।

फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वन विभाग और उच्च अधिकारी मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते हैं।