बिग ब्रेकिंग: धर्मांतरण और आरक्षण लाभ पर हाईकोर्ट सख्त, तीन हफ्ते में मांगी सूची

धर्मांतरण और आरक्षण लाभ पर हाईकोर्ट सख्त, तीन हफ्ते में मांगी सूची

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में धर्म परिवर्तन और सरकारी योजनाओं के कथित दोहरे लाभ से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से ऐसे लोगों की विस्तृत सूची पेश करने को कहा है, जिन्होंने धर्म परिवर्तन के बाद भी आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना जारी रखा है। कोर्ट ने इस मामले में तीन सप्ताह के भीतर संबंधित लोगों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है।

पिथौरागढ़ निवासी ने दायर की जनहित याचिका

याचिकाकर्ता दर्शन लाल ने अदालत में दायर जनहित याचिका में कहा है कि पिथौरागढ़ क्षेत्र में कई लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया, लेकिन वे पहले से मिल रहे आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं। आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद भी दोहरी श्रेणी का लाभ लेने से वास्तविक पात्र लोगों को योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा।

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में चर्च से संबंधित कुछ लोगों की सूची भी प्रस्तुत की गई। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि अन्य ऐसे मामलों की सूची भी रिकॉर्ड पर लाई जाए, ताकि मामले की व्यापकता स्पष्ट हो सके।

उधम सिंह नगर प्रशासन का सख्त रुख

इधर उधम सिंह नगर में लगातार सामने आ रहे धर्मांतरण के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जिले में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी अवैध धर्मांतरण की सूचना मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

प्रशासन ने संभावित धर्मांतरण स्थलों, प्रार्थना सभाओं और अवैध धार्मिक गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनकी वैधानिक स्थिति की जांच करने को कहा है। साथ ही सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध धार्मिक संरचनाओं और अतिक्रमण की पहचान कर प्रशासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।