स्कूल की आड़ में देह व्यापार! देहरादून कैंट में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
देहरादून। राजधानी देहरादून के कैंट क्षेत्र स्थित किशन नगर एक्सटेंशन में सोमवार को एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ, जब प्ले ग्रुप स्कूल परिसर के पीछे कथित तौर पर संचालित सेक्स रैकेट पर पुलिस ने कार्रवाई की।
स्थानीय लोगों की शिकायत और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद पुलिस एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मौके पर छापा मारते हुए दो कथित दलालों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन युवतियों को वहां से मुक्त कराया गया।
पुलिस के अनुसार, देह व्यापार का यह नेटवर्क स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में बने किराये के कमरों से संचालित किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान कमरों से आपत्तिजनक सामग्री, शराब की बोतलें, दवाइयां, कंडोम, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव और लेन-देन से जुड़ी डायरी बरामद की गई। बताया जा रहा है कि डायरी में लड़कियों की रेट लिस्ट और हिसाब-किताब दर्ज था।
क्षेत्रवासियों की शिकायत के बाद खुला मामला
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कई महीनों से इलाके में देर रात संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी जा रही थी। शुरुआत में किसी को संदेह नहीं हुआ क्योंकि सामने के हिस्से में प्ले ग्रुप स्कूल संचालित हो रहा था। लेकिन गतिविधियां बढ़ने पर क्षेत्रवासियों ने विरोध जताया और शिकायत जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई।
मामले की जानकारी फैलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन भी किया, जिसके बाद पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।
राजस्थान के दो युवक हिरासत में
पुलिस ने मौके से राजस्थान निवासी आशीष पांडे (42) और जंग बहादुर (50) को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में दोनों पर अनैतिक गतिविधियों के संचालन में शामिल होने का संदेह जताया गया है। कैंट थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूछताछ जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि मौके पर मिली युवतियां मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली क्षेत्र से लाई गई थीं। शुरुआती पूछताछ में आर्थिक तंगी और नौकरी का झांसा देकर उन्हें देहरादून लाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
डिजिटल साक्ष्यों से खुल सकते हैं बड़े राज
पुलिस ने मौके से बरामद डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि इन डिवाइसों में ग्राहकों, पैसों के लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की अहम जानकारी हो सकती है। साइबर और फॉरेंसिक टीम भी मामले की जांच में जुट सकती है।
एचआईवी संक्रमण के दावे की पुष्टि नहीं
सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि एक युवती के पास से एचआईवी उपचार से जुड़ा मेडिकल दस्तावेज मिला है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्वास्थ्य और जांच एजेंसियां फिलहाल तथ्यों की जांच कर रही हैं।
इलाके में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
स्कूल जैसे संवेदनशील परिसर में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

