बड़ी खबर: नकल के शक पर मचा बवाल! पॉलिटेक्निक कॉलेज में घुसे परिजन, शिक्षकों से मारपीट का आरोप

नकल के शक पर मचा बवाल! पॉलिटेक्निक कॉलेज में घुसे परिजन, शिक्षकों से मारपीट का आरोप

देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक, पित्थूवाला में परीक्षा के दौरान नकल के संदेह से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच का विषय बन गया है।

कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में पकड़े गए छात्र के परिजन अगले दिन संस्थान में पहुंच गए और परीक्षा नियंत्रण कक्ष में घुसकर शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट और अभद्रता की। वहीं छात्र पक्ष ने भी शिक्षकों पर छात्र के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार 4 जून को सिविल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर की परीक्षा के दौरान छात्र कबीर कंडवाल पर नकल करने की कोशिश का संदेह जताया गया।

कॉलेज प्रशासन का दावा है कि छात्र बार-बार पीछे बैठे एक अन्य छात्र की ओर मुड़कर बातचीत करने का प्रयास कर रहा था और परीक्षा के दौरान अपनी सीट छोड़कर दूसरी सीट तक भी पहुंचा। संस्थान का कहना है कि पूरी घटना परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।

सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के बाद परीक्षा नियंत्रण समिति ने दोनों छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया। शिक्षकों के अनुसार छात्र से लिखित स्पष्टीकरण और माफीनामा लिया गया। हालांकि छात्र के भविष्य को देखते हुए उसे दोबारा परीक्षा में बैठने की अनुमति भी दे दी गई।

विवाद तब बढ़ गया जब अगले दिन छात्र अपने परिजनों और कुछ अन्य लोगों के साथ कॉलेज परिसर पहुंचा। शिक्षकों और कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित लोग सीधे परीक्षा नियंत्रण कक्ष में पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों तथा शिक्षकों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

कर्मचारियों का दावा है कि कुछ लोगों ने थप्पड़ मारे, गाली-गलौज की और कमरे में रखी कुर्सियों का भी इस्तेमाल किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नियंत्रण कक्ष के भीतर धक्का-मुक्की और हंगामा दिखाई दे रहा है।

कर्मचारियों का आरोप है कि जब कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की तो विवाद और बढ़ गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने महिला शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की की।

घटना के विरोध में शनिवार को संस्थान के शिक्षक और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्यस्थल पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में घुसकर शिक्षकों के साथ मारपीट करना गंभीर मामला है और इससे शिक्षा व्यवस्था की गरिमा प्रभावित होती है।

दूसरी ओर छात्र के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके बेटे ने कोई नकल नहीं की थी। परिवार का आरोप है कि परीक्षा के दौरान छात्र के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मामले में दोनों पक्षों की ओर से पटेलनगर थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला शिक्षा संस्थानों में अनुशासन, परीक्षा की निष्पक्षता और शैक्षणिक वातावरण की सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।