चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 30 लाख पार पंजीकरण। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रफ्तार पकड़ चुकी है। एक ओर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, तो दूसरी ओर प्रशासन और पर्यटन विभाग भी यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बारिश, बर्फबारी और कठिन मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हो रही है।
30 लाख पार पहुंचे रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा 2026 के लिए अब तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर से यात्रा की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
चारधाम यात्रा के नोडल अधिकारी अमित लोहनी ने बताया कि 7 मई शाम 7 बजे तक कुल 30,11,457 श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जबकि 8,67,692 यात्री चारों धामों के दर्शन भी कर चुके हैं।
पर्यटन विभाग के मुख्यालय में स्थापित कॉल सेंटर में प्रतिदिन 500 से 700 तक कॉल आ रही हैं। अब तक 31,581 कॉल और 2,213 ईमेल क्वेरी का समाधान किया जा चुका है।
यात्रियों के सवाल केवल रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हेलीकॉप्टर बुकिंग, मौसम, होटल, ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल भी लगातार पूछे जा रहे हैं।
यात्रियों की सहायता के लिए विभाग ने अधिकृत हेल्पलाइन नंबर 1364 और 0135-3520100 जारी किए हैं। वहीं यात्रा पंजीकरण के लिए आधिकारिक वेबसाइट चारधाम यात्रा पोर्टल का उपयोग करने की अपील की गई है।
केदारनाथ में मौसम की चुनौती पर भारी पड़ रही आस्था
केदारनाथ धाम में लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। हर दिन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु टोकन सिस्टम के जरिए बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।
प्रशासन ने यात्रा मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों की तैनाती की है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड लगातार निगरानी कर रहे हैं।
विशाल मिश्रा ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय हैं तथा गंभीर बीमार यात्रियों को एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजा जा रहा है।
गंगोत्री-यमुनोत्री में हाई अलर्ट, एंटी-सबोटाज चेकिंग तेज
गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। बम निरोधक दस्ते ने गंगोत्री धाम परिसर, स्नान घाट, पार्किंग और प्रतीक्षालयों में सघन जांच अभियान चलाया।
सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और आधुनिक डिटेक्शन उपकरणों से पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी की जा रही है। कमलेश उपाध्याय ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
अब तक गंगोत्री धाम में 1,33,517 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 2,69,365 यात्री पहुंच चुके हैं।
आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह
आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा भी इस वर्ष श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। काठगोदाम से 20 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया गया, जिसमें 13 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं।
श्रद्धालु यात्रा के दौरान कैंची धाम, चितई गोलू देवता मंदिर और जागेश्वर धाम के दर्शन भी करेंगे। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने यात्रियों के ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
महाराष्ट्र के श्रद्धालु की मौत
इसी बीच आदि कैलाश यात्रा से लौटे महाराष्ट्र के नागपुर निवासी 53 वर्षीय श्रद्धालु पीएम सुधीर की धारचूला में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत हृदय गति रुकने से हुई।
आशीष जोशी ने बताया कि यात्री के साथी शव लेकर महाराष्ट्र रवाना हो गए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की है।

