चारधाम यात्रा 2026: चारों धामों में 7.61 लाख पहुंचे श्रद्धालु, मौसम की चुनौती के बीच प्रशासन अलर्ट
- केदारनाथ में रिकॉर्ड भीड़, हेमकुंड साहिब की तैयारियां तेज। स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर सख्ती
देहरादून। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में जारी चारधाम यात्रा 2026 इस समय अपने चरम पर है। प्रतिकूल मौसम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है।
अब तक 7,61,831 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं, जबकि 5 मई को अकेले 48,256 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
धामवार श्रद्धालुओं की स्थिति
- यमुनोत्री: कुल 1,16,238 (आज 9,186)
- गंगोत्री: कुल 1,15,042 (आज 9,456)
- केदारनाथ: कुल 3,44,889 (आज 17,357)
- बदरीनाथ: कुल 1,85,662 (आज 12,257)
हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियां जोरों पर
हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलने हैं। इससे पहले प्रशासन, भारतीय सेना और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने गोविंदघाट से लेकर हेमकुंड तक पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया।
भारी बर्फबारी के बावजूद सेना के जवान मार्ग को खोलने में जुटे हैं, ताकि यात्रा सुचारु रूप से शुरू हो सके।
केदारनाथ में सख्ती: सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं पर फोकस
केदारनाथ धाम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय और आईजी राजीव स्वरूप ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
मुख्य निर्देश
- टोकन व्यवस्था का सख्ती से पालन
- पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती
- स्वास्थ्य, हेली सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी
- जरूरत पड़ने पर यात्रा अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
रात में यात्रा प्रतिबंध, वीआईपी दर्शन पर रोक
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
साथ ही, सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
पर्यावरण पर बढ़ता दबाव, प्रशासन सख्त
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरा गंभीर समस्या बनता जा रहा है। पवित्र मंदाकिनी नदी प्रदूषण के खतरे से जूझ रही है।
400 से अधिक सफाई कर्मी तैनात
- लगभग 7 टन प्लास्टिक कचरा प्रोसेस
- रोजाना डंपरों से कचरा निस्तारण
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और जनभागीदारी दोनों जरूरी
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि, मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें, स्वच्छता बनाए रखें, दिशा-निर्देशों का पालन करें।
चारधाम यात्रा में इस वर्ष आस्था का अभूतपूर्व उफान देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर श्रद्धालुओं की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है।
वहीं दूसरी ओर मौसम और पर्यावरण की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती और जनसहभागिता दोनों ही यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए अहम हैं।

