क्राइम: हरिद्वार हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, चमोली दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा

हरिद्वार हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, चमोली दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा

देहरादून। उत्तराखंड में गंभीर आपराधिक मामलों पर पुलिस और न्यायपालिका की सख्त और त्वरित कार्रवाई देखने को मिली है।

हरिद्वार में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया, वहीं चमोली में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

हरिद्वार जनपद के बहादराबाद क्षेत्र में राजवीर सिंह की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की शादीशुदा बेटी और आरोपी पंकज कुमार के बीच संबंध थे, जिनका राजवीर विरोध कर रहा था।

इसी कारण आरोपी ने अपने साथी छोटे लाल के साथ मिलकर 26 अप्रैल को बोंगला अंडरपास के पास खेतों में शराब पिलाने के बहाने बुलाकर हथौड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पंकज को कलियर रोड से गिरफ्तार किया, जिसकी निशानदेही पर छोटे लाल को भी दबोच लिया गया। दोनों के पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार, बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया है।

वहीं, चमोली जिले में नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भवती करने के मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने दोषी बलवीर लाल को 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

यह मामला 15 अक्टूबर 2023 का है, जब पीड़िता के पिता ने नंदानगर घाट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी ने जंगल में अकेला पाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और धमकी देकर चुप कराया। बाद में पीड़िता के गर्भवती होने पर मामला सामने आया।

अदालत में सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए गए, जिसके आधार पर दोषी को सजा सुनाई गई, जबकि सह-आरोपित पूनम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

इन दोनों मामलों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गंभीर अपराधों पर पुलिस की तत्परता और न्यायपालिका की सख्ती लगातार बढ़ रही है, जिससे अपराधियों में कानून का भय भी दिखाई दे रहा है।