बड़ी खबर: रुड़की में गोकशी पर हंगामा। हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, भाजपा नेता पर उठे सवाल

रुड़की में गोकशी पर हंगामा। हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, भाजपा नेता पर उठे सवाल

रिपोर्ट- सलमान मलिक
रुड़की। हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा कथित गोकशी का मामला अब कानून-व्यवस्था से निकलकर पूरी तरह सियासी संग्राम में बदलता जा रहा है।

एक ओर हिंदू संगठनों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया, वहीं दूसरी ओर भाजपा के एक स्थानीय नेता का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

मामला लाठरदेवा शेख गांव का है, जहां कुछ महीने पहले एक नाले से गोवंश के अवशेष बरामद होने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था। उस समय पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

रविवार को हिंदू सेना उत्तराखंड और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता झबरेड़ा थाने पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

इसी दौरान पीड़ित ग्रामीण भी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने एक स्थानीय भाजपा नेता पर संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों का दावा है कि 11 से 12 गोवंशों की हत्या की गई और इस मामले में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मामले ने उस समय सियासी रंग और गहरा कर लिया जब जनशक्ति पार्टी के नेता आजाद अली ने सरकार और भाजपा पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “जो पार्टी गौ-संरक्षण की बात करती है, अगर उसी के नेता ऐसे अपराधों में शामिल पाए जाते हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है।”

उन्होंने मांग की कि आरोपी नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी।

वहीं हिंदू संगठनों ने भी साफ कर दिया है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

फिलहाल इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार इस संवेदनशील और चर्चित मामले में क्या कदम उठाती है।