भ्रष्टाचार करने वाले इन ‘बड़े नामों’ पर गिरी सरकार की गाज
- उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का अभियान लगातार तेज़ होता जा रहा है। बीते कुछ समय में कई IAS, IFS, PCS और विभागीय अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। कहीं निलंबन हुआ है तो कहीं जेल की सलाखों के पीछे तक अधिकारी पहुंचे हैं।
सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अब तक की प्रमुख कार्रवाइयाँ
- होमगार्ड्स वर्दी घोटाला
— निदेशक होमगार्ड्स अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित - हरिद्वार भूमि घोटाला
— 2 IAS, 1 PCS सहित कुल 12 अधिकारी सस्पेंड - रामविलास यादव (IAS)
— आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जेल - किशन चंद (IFS)
— पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल - RBS रावत (पूर्व IFS / पूर्व चेयरमैन UKSSSC)
— भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मामले में जेल - हरमिंदर सिंह बवेजा (निदेशक, उद्यान विभाग)
— बागवानी विभाग में वित्तीय अनियमितताओं पर निलंबन - अमित जैन (वित्त नियंत्रक, आयुर्वेद विश्वविद्यालय)
— भ्रष्टाचार से जुड़े आदेशों की अनदेखी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई - भूपेंद्र कुमार (उपमहाप्रबंधक वित्त, परिवहन निगम)
— रिश्वत और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप, निलंबन, विजिलेंस जांच जारी - महिपाल सिंह (लेखपाल)
— रिश्वत मांगते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज - निधि यादव (PCS अधिकारी)
— भ्रष्टाचार शिकायतों के बाद विजिलेंस जांच शुरू - रामदत्त मिश्र (उप निबंधक, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन)
— स्टांप शुल्क और भूमि पंजीकरण में अनियमितताओं पर निलंबन - राज्य कर विभाग
— वी.पी. सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह और यशपाल सिंह
— घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के संदेह पर तत्काल निलंबन



