बिग ब्रेकिंग: किसान आत्महत्या मामले में नई SIT गठित, 12 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर

किसान आत्महत्या मामले में नई SIT गठित, 12 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर

देहरादून। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।

किसान द्वारा आत्महत्या से पहले पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक नई उच्चस्तरीय एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन किया गया है। इस पांच सदस्यीय एसआईटी की अध्यक्षता आईजी एसटीएफ करेंगे।

नई एसआईटी में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर वंदना वर्मा, निरीक्षक दीवान सिंह बिष्ट (जनपद चम्पावत) और उपनिरीक्षक मनीष खत्री (जनपद चम्पावत) को शामिल किया गया है। टीम को पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

26 नामजद आरोपियों पर पहले से मुकदमा

गौरतलब है कि किसान सुखवंत सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में कोतवाली आईटीआई काशीपुर में पहले ही 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। यह कार्रवाई मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर की गई थी।
पहले भी बनी थी एसआईटी

इससे पहले मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की अगुवाई एसपी अपराध एवं यातायात नीहारिका तोमर कर रही थीं। उस टीम में आईटीआई थाना काशीपुर, कुंडा थाना और एसओजी से जुड़े अधिकारी शामिल थे। हालांकि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए अब जांच को उच्च स्तर पर ले जाते हुए नई एसआईटी का गठन किया गया है।

12 पुलिसकर्मियों का कुमाऊं से गढ़वाल रेंज ट्रांसफर

मामले से जुड़े जिन 12 पुलिसकर्मियों को पहले लाइनहाजिर या निलंबित किया गया था, उन्हें अब कुमाऊं रेंज से गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक, अपर उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षी शामिल हैं, जिन्हें चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में तैनात किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम जांच को प्रभावित होने से रोकने और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

किसान आत्महत्या प्रकरण ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नई एसआईटी के गठन और बड़े पैमाने पर ट्रांसफर को सरकार और पुलिस प्रशासन की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच से पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।