बिग ब्रेकिंग: देहरादून में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर कड़ा प्रतिबंध, पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई

देहरादून में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर कड़ा प्रतिबंध, पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई

देहरादून। शहर में लगातार बढ़ रहे धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैलियों के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शादियों के मौसम के साथ-साथ सर्दियों में बढ़ती पर्यटकों की आमद ने भी हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

ऐसे में क्रिसमस, न्यू ईयर, शीतकालीन छुट्टियों और पर्यटन सीजन को देखते हुए देहरादून पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए बिना अनुमति किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन, रैली या जुलूस पर प्रतिबंध लागू कर दिया है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर के संवेदनशील और भारी ट्रैफिक वाले इलाकों जैसे घंटाघर, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड, कनक चौराहा, एस्ले हाल चौक, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक और बुद्धा चौक पर किसी भी तरह के प्रदर्शन, नारेबाजी या लाउडस्पीकर के उपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पिछले दिनों इन स्थानों पर विरोध कार्यक्रमों के कारण कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी, जिससे आम लोगों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज होगा।

इस धारा के तहत सरकारी अधिकारी द्वारा जारी वैध आदेश की अवहेलना करने पर 6 महीने तक की जेल हो सकती है। यदि अवज्ञा से किसी की जान या सुरक्षा को खतरा पैदा होता है, तो सजा एक साल तक बढ़ सकती है, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि शहर में पहले भी कई स्थानों पर ऐसे कार्यक्रमों को रोकने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन हाल के दिनों में लगातार उल्लंघन देखने को मिल रहा था।

उन्होंने कहा, “अब आदेश का उल्लंघन करने वालों पर बीएनएस की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनज़र इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।”

पुलिस का यह कदम आगामी पर्यटन सीजन और त्योहारी भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि देहरादून आने वाले पर्यटकों और शहरवासियों को यातायात की समस्या से राहत मिल सके।