राजनीति: काले झंडों से गूंजा सदन, गैरसैंण की सड़कों पर भी संग्राम। दो बार स्थगित हुई कार्यवाही

काले झंडों से गूंजा सदन, गैरसैंण की सड़कों पर भी संग्राम। दो बार स्थगित हुई कार्यवाही

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार को सड़क से सदन तक सियासी संग्राम देखने को मिला।

एक ओर गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और जर्जर सड़कों जैसे मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी), कांग्रेस और विभिन्न संगठनों ने विधानसभा कूच किया।

वहीं, सदन के भीतर कांग्रेस विधायकों ने काले झंडे दिखाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया।

हालात ऐसे बने कि विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

लोहे के गेट और कंटीले तारों की बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

विधानसभा सत्र के पहले दिन मंगलवार को भराड़ीसैंण में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे यूकेडी, कांग्रेस, प्रधान संगठन और सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी।

प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने पांडुवाखाल, मेहलचौरी, कालीमाटी, जंगलचट्टी और दिवालीखाल सहित विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर बैरियर पार करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े। कुमाऊं की तरफ से आने वाले कार्यकर्ताओं की सुबह से ही पुलिस के साथ तीखी झड़प और धक्का-मुक्की होती रही। मेहलचौरी पुल पर यूकेडी कार्यकर्ताओं ने लोहे का गेट उखाड़कर रामगंगा नदी में फेंक दिया।

कालीमाटी बैरियर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, गणेश गोदियाल और मुकेश नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। काफी देर तक रास्ता नहीं खुलने पर कांग्रेस के कुछ नेता जंगल के पथरीले रास्तों से होते हुए दिवालीखाल पहुंचे।

वहीं, यूकेडी के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

दोपहर तक दिवालीखाल में कांग्रेस, यूकेडी, प्रधान संगठन और सुराज सेवा दल के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। यहां कई स्तर की बैरिकेडिंग पार करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जोरदार धक्का-मुक्की हुई।

प्रदर्शनकारियों ने लोहे के गेटों और कंटीले तारों से बने अवरोधों को पार करते हुए विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने का प्रयास किया।

धामी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप, स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग

विधानसभा कूच का नेतृत्व कर रहे यूकेडी के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ी है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान महिलाओं पर वाटर कैनन के इस्तेमाल को भी अनुचित बताते हुए इसकी आलोचना की। यूकेडी नेता ने कहा कि जब तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे यूकेडी कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्य, स्थानीय लोग और युवा शामिल रहे।

आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने और पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग उठाई।

विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल, खाकी ने की मरहम-पट्टी

विधानसभा की ओर बढ़ने के दौरान कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में गिरकर घायल हो गए। पुलिसकर्मियों को भी प्रदर्शनकारियों को रोकने और भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान चोटें आईं।

तनावपूर्ण माहौल के बीच उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने घायल प्रदर्शनकारियों की मदद कर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।

पुलिसकर्मियों ने घायलों को सहारा दिया, पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार किट की मदद से उनके घावों पर दवा लगाकर पट्टियां बांधीं। पुलिस के इस व्यवहार की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की।

विरोध-प्रदर्शन के दौरान जहां एक तरफ पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर घायल लोगों की मदद करते पुलिसकर्मियों की तस्वीरों ने यह संदेश भी दिया कि वैचारिक मतभेद और कानून-व्यवस्था की चुनौती के बीच मानवीय संवेदना का महत्व बना रहता है।

बैरिकेडिंग में फंसी आम जनता, सगाई में जा रहा परिवार पांच घंटे परेशान

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की ओर से की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का असर आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। टैक्सी सेवाएं प्रभावित होने से ग्रामीणों को मेहलचौरी और गैरसैंण बाजार तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।

गोपेश्वर निवासी शिक्षक प्रकाश चंद्र कन्याल का परिवार अपने बेटे की सगाई में शामिल होने के लिए तीन गाड़ियों से देहरादून जा रहा था। परिवार के अनुसार, उनकी गाड़ियां कालीमाटी बैरियर पर सुबह करीब नौ बजे से दोपहर दो बजे तक फंसी रहीं। इस दौरान परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बताया गया कि कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल और मुकेश नेगी के हस्तक्षेप के बाद एक गाड़ी को आगे जाने दिया गया, जबकि दो गाड़ियां बैरियर पर ही रुकी रहीं। इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को भी सामने रखा।

दुसरे दिन सदन शुरू होते ही कांग्रेस का हंगामा, काले झंडे लेकर वेल में पहुंचे विधायक

बुधवार को विधानसभा सत्र के दूसरे और अंतिम दिन सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक काले झंडे लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

कांग्रेस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाते हुए जवाब मांगा और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। निर्धारित समय पर कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी रहा। वे फिर काले झंडे लेकर वेल में पहुंच गए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित करनी पड़ी।

सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। वहीं, रेखा आर्या ने कांग्रेस के वर्ष 2012 से 2017 के शासनकाल का उल्लेख करते हुए विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की बात कही, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष की ओर से काम रोको प्रस्ताव लाने की मंशा पर सवाल उठाए।

सत्ता पक्ष के विधायकों ने चकराता में एक परिवार को कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित धमकी दिए जाने का मुद्दा भी उठाया और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।

अंकिता भंडारी प्रकरण और कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरने की तैयारी

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष की रणनीति में अंकिता भंडारी प्रकरण और प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। विपक्ष इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में था।

अंकिता भंडारी प्रकरण लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष इस मामले में सरकार की भूमिका और कार्रवाई को लेकर सवाल उठाता रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में अपराध, सुरक्षा और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

हालांकि, इन मुद्दों पर सदन में चर्चा का वास्तविक स्वरूप और सरकार का पक्ष विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ही स्पष्ट हो सकेगा।

धामी ने 231.91 करोड़ की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का शिलान्यास और 34.04 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

इन योजनाओं में सड़क, पेयजल, शिक्षा, सुरक्षा और पुलिस अवस्थापना से संबंधित कार्य शामिल बताए गए हैं। सरकार ने इन योजनाओं को प्रदेश के विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया था। बुधवार को सदन में इस बजट पर चर्चा और मतदान के साथ विभिन्न विधेयकों को आगे बढ़ाने की कार्यवाही प्रस्तावित थी।

अनुपूरक बजट और विधायी कामकाज के बीच राजनीतिक टकराव

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट के अतिरिक्त विभिन्न विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की कार्यवाही भी प्रस्तावित थी। इनमें सिंचाई जल निकासी, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन, निवेश और आधारिक संरचना विकास एवं विनियमन संशोधन, जन विश्वास द्वितीय संशोधन, अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन, सिविल विधि संशोधन, अग्निशमन एवं आपात सेवा, माल एवं सेवा कर संशोधन और निजी विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक शामिल थे।

हालांकि, सदन की शुरुआत से ही जारी हंगामे ने कार्यवाही को प्रभावित किया। एक तरफ विपक्ष कथित भ्रष्टाचार के आरोपों और जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगता रहा, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने विकास योजनाओं और अनुपूरक बजट को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान सड़क पर यूकेडी-कांग्रेस का प्रदर्शन और सदन के भीतर विपक्ष का हंगामा इस बात का संकेत रहा कि प्रदेश की राजनीति में स्थायी राजधानी, भ्रष्टाचार के आरोप, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दों पर टकराव जारी है।