बिग ब्रेकिंग: रेखा आर्या पर आरोप, धामी का पलटवार और विपक्ष का हंगामा। गैरसैंण में सत्र समाप्त

रेखा आर्या पर आरोप, धामी का पलटवार और विपक्ष का हंगामा। गैरसैंण में सत्र समाप्त

गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र का दूसरा दिन बुधवार को भारी हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच समाप्त हुआ।

कांग्रेस समेत विपक्षी विधायकों के विरोध, काले झंडे लहराने और सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने के बीच राज्य सरकार ने ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित करा लिया। इसके साथ ही सदन में कुल 10 विधेयक भी पारित किए गए।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने दोपहर करीब 1:10 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

इस तरह विधानसभा सत्र 11 घंटे भी नहीं चल पाया। सत्र की अवधि कम होने और जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा।

अनुपूरक बजट पास होते ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ सदन

बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्षी विधायक काले झंडे लेकर वेल में पहुंच गए और विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने लगे।

हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। इसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा।

दोपहर करीब 12:53 बजे ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। इस दौरान भी कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि इतने कम समय में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी। प्रश्नकाल के दौरान हंगामे के चलते एक भी प्रश्न नहीं हो पाया, जबकि शून्यकाल में केवल विधायक मोहम्मद शहजाद ही अपना प्रश्न रख सके।

रेखा आर्या पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने मांगी निष्पक्ष जांच

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सबसे अधिक राजनीतिक गर्माहट कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर देखने को मिली।

कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने इस मामले को उठाते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्या के पति की ओर से भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए गए हैं और इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत की गई थी।

प्रीतम सिंह ने करीब 210 करोड़ रुपये की संपत्ति और बरेली में कथित तौर पर बन रहे राजमहल का जिक्र करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोप गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए।

कांग्रेस विधायकों ने सदन में नियम 310 के तहत इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक काले झंडे लेकर वेल में पहुंचे और सरकार से जवाब मांगते रहे। हालांकि, ये आरोप और उनसे जुड़े दावे जांच के बाद ही प्रमाणित माने जा सकते हैं।

रेखा आर्या ने कांग्रेस के शासनकाल पर किया पलटवार

कांग्रेस के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने भी पलटवार किया। उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में रही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए विपक्ष को अपने अतीत पर नजर डालने की नसीहत दी।

रेखा आर्या ने उस दौरान सामने आए स्टिंग ऑपरेशन और कथित सौदेबाजी से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में सामने आए मामलों पर भी जवाब देना चाहिए।

इस तरह विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। कांग्रेस ने जहां रेखा आर्या से जुड़े आरोपों की जांच की मांग उठाई, वहीं भाजपा ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े किए।

यशपाल आर्य बोले- जनहित के मुद्दों पर हो चर्चा

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विपक्ष नियम 310 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाने के साथ ही नियम 58 के तहत भी सूचनाएं दे चुका है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि विधानसभा की कार्यवाही व्यवस्थित ढंग से चले और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो।

यशपाल आर्य ने कहा कि सत्र के अंतिम दिन भी जनहित के जरूरी विषयों को उठाने और उन पर चर्चा करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने विधानसभा के नियमों के तहत विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका देने की मांग की।

विपक्ष का आरोप था कि सत्र की अवधि बेहद कम रखे जाने के कारण प्रदेश के कई महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में प्रभावी ढंग से नहीं उठाए जा सके। कांग्रेस ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

सीएम धामी ने विपक्ष की मंशा पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दों की कमी है और उसका उद्देश्य विकास कार्यों को बाधित करना है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सत्ता से बाहर रहने के दौरान देश और प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का असर सदन की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया। एक ओर कांग्रेस मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा की मांग करती रही।

वहीं भाजपा विधायकों ने चकराता में एक परिवार को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मुद्दा उठाया और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।

गैरसैंण में ₹231.91 करोड़ की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में ₹231.91 करोड़ की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें ₹197.87 करोड़ की छह योजनाओं का शिलान्यास और ₹34.04 करोड़ की छह योजनाओं का लोकार्पण शामिल रहा।

इन योजनाओं में पेयजल, सड़क, शिक्षा, सुरक्षा और पुलिस अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार ने इन्हें प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

हालांकि, विधानसभा के भीतर सीमित समय में बजट पारित होने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाने को लेकर राजनीतिक विवाद जारी रहा।

‘210 का झुमका कहां गिरा’ के नारों ने भी खींचा ध्यान

विधानसभा के शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों की ओर से लगाए गए ‘210 का झुमका कहां गिरा’ के नारे भी चर्चा में रहे। ये नारे रेखा आर्या से जुड़े कथित 210 करोड़ रुपये के मामले को लेकर विपक्ष के विरोध का हिस्सा थे।

लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच प्रश्नकाल प्रभावित हुआ। विपक्ष ने आरोपों पर जवाब और चर्चा की मांग जारी रखी, लेकिन सदन की कार्यवाही अनुपूरक बजट पारित होने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

11 घंटे भी नहीं चला सत्र, विपक्ष ने उठाए सवाल

भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र का कम समय में समाप्त होना अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष ने सत्र की अवधि और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए मिले समय पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सरकार ने हंगामे के बीच अनुपूरक बजट और विधायी कार्यवाही पूरी की।

कुल मिलाकर, विधानसभा सत्र का दूसरा दिन बजट पारित होने, रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी तथा विकास योजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास के नाम रहा।

सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के साथ ही गैरसैंण में राजनीतिक टकराव का यह दौर फिलहाल समाप्त हो गया, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप के बीच उठे सवालों पर आगे भी सियासत गर्म रहने के आसार हैं।