बिग ब्रेकिंग: अपराध से जुड़ी कई बड़ी खबरें , एक क्लिक में पढ़ें….

अपराध से जुड़ी कई बड़ी खबरें , एक क्लिक में पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजधानी देहरादून में कृषि विभाग से जुड़ी सरकारी बोलेरो ने सात वाहनों को टक्कर मार दी, जबकि सचिवालय में महिला अनुभाग अधिकारी को कथित तौर पर परेशान करने और धमकी देने के मामले में उपनल कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

मसूरी में टैक्सी-कार ऑनर्स एसोसिएशन के कार्यालय पर हमले के आरोपों के बाद कारोबारियों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। वहीं, लाखामंडल में 40 लकड़ी की सिल्लियां पकड़े जाने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।

इसके अलावा उधम सिंह नगर में दशहरा पर्व के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत, केदारनाथ धाम में महिला के नृत्य का वीडियो वायरल होने, पिरान कलियर से वायुसेना अधिकारी के बेटे के लापता होने, राजाजी टाइगर रिजर्व में हथिनी का शव मिलने और पद्मश्री डॉ. योगी ऐरन की संपत्ति में कथित रूप से भीड़ के घुसने के मामले भी चर्चा में हैं।

देहरादून में सरकारी बोलेरो का कहर, पांच स्कूटी और दो बाइक क्षतिग्रस्त

राजधानी देहरादून के चंदन नगर क्षेत्र में बुधवार देर रात एक सरकारी विभाग से जुड़ी बोलेरो ने सड़क किनारे खड़े सात वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में पांच स्कूटी और दो बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि एक युवक के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद वाहन में सवार चार लोग मौके से फरार हो गए।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बोलेरो में सवार लोग नशे की हालत में थे। हालांकि, इसकी पुष्टि पुलिस की जांच और आवश्यक परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर कोतवाली पहुंचाया।

वाहन पर ‘उप कृषि निदेशक सांख्यिकी’ का बोर्ड लगा होने की बात सामने आई है। नगर कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में वाहन विभाग में अनुबंध पर लगा बताया गया है। पुलिस फरार लोगों की तलाश करने के साथ हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

मसूरी में टैक्सी एसोसिएशन कार्यालय पर हमले का आरोप, कारोबारियों ने लगाया जाम

मसूरी में टैक्सी-कार ऑनर्स एसोसिएशन के कार्यालय पर बुधवार देर शाम कथित हमले के बाद तनाव की स्थिति बन गई। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि करीब 20 से 25 लोग कार्यालय पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की।

इस दौरान महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़ने, सीसीटीवी कैमरे तोड़ने और नकदी गायब होने का आरोप भी लगाया गया है।

एसोसिएशन अध्यक्ष विजेंद्र पंवार और महासचिव राकेश कोठाल के मुताबिक, विवाद की शुरुआत कथित तौर पर होटलों से अनधिकृत रूप से सवारियां उठाने के मामले को लेकर हुई थी।

बुधवार सुबह इस विषय पर विरोध जताया गया था। पदाधिकारियों का आरोप है कि इसी विवाद के बाद शाम को संबंधित व्यक्ति अपने साथियों के साथ कार्यालय पहुंचा और हमला कर दिया।

घटना से आक्रोशित टैक्सी कारोबारियों ने मैसोनिक लॉज क्षेत्र में जाम लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी और डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया। देर रात जाम खोल दिया गया। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सचिवालय में महिला अधिकारी से अभद्रता और धमकी का आरोप, उपनल कर्मचारी पर केस

उत्तराखंड सचिवालय में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग में तैनात महिला अनुभाग अधिकारी को कथित तौर पर परेशान करने, गाली-गलौज करने और धमकी देने का मामला सामने आया है।

शिकायत के अनुसार, सहकारिता विभाग में तैनात उपनल कर्मचारी ने पहले फेसबुक के माध्यम से महिला अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की। महिला अधिकारी द्वारा उसे ब्लॉक किए जाने के बाद वह कथित तौर पर बार-बार फोन करने लगा।

आरोप है कि 16 अक्टूबर को कर्मचारी नशे की हालत में महिला अधिकारी के कार्यालय पहुंचा और उनके साथ अभद्रता की।

सहकर्मियों द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर वह सचिवालय परिसर से बाहर भागने लगा। शिकायत के मुताबिक, बाद में सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी और अन्य लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई की।

महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी कई दिनों से उनका पीछा कर रहा था। नगर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2), 352, 78 और 79 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

नगर कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार, पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।

लाखामंडल में 40 लकड़ी की सिल्लियां पकड़ी गईं, वन विभाग की भूमिका पर सवाल

देहरादून जिले के चकराता वन प्रभाग के लाखामंडल क्षेत्र में 40 लकड़ी की सिल्लियां पकड़े जाने के बाद मामला गरमा गया है। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा की विशेष आमंत्रित कार्यकारिणी सदस्य बचना शर्मा ने वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय रेंजर पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।

बचना शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि जंगल में पेड़ों की कटाई हुई, लकड़ी की सिल्लियां बनाई गईं और उन्हें वाहन के माध्यम से सड़क तक पहुंचाया गया, तो इस दौरान वन विभाग के अधिकारी कहां थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी गरीब ग्रामीणों से कथित रूप से पैसे लेकर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।

उन्होंने स्थानीय रेंजर विनोद चौहान पर ग्रामीणों के घरों से पुरानी माफी की लकड़ी उठाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि एक ओर ग्रामीणों की पुरानी लकड़ी पर कार्रवाई की जाती है।

वहीं दूसरी ओर ताजा कटी हुई लकड़ी की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने पर विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।

भाजपा नेत्री ने वन मंत्री सुबोध उनियाल और डीएफओ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

दशहरा पर्व के दौरान उधम सिंह नगर में 11 लोगों की मौत, सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता

उधम सिंह नगर जिले में दशहरा पर्व के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत होने से कई परिवारों में मातम छा गया। किच्छा, रुद्रपुर, गदरपुर, दिनेशपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई घटनाओं में सड़क दुर्घटनाओं के अलावा अन्य मामले भी शामिल हैं।

रुद्रपुर की मॉडल कॉलोनी निवासी बलजीत सिंह अपनी पत्नी गुरमीत कौर और बेटे के साथ दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे थे।

इसी दौरान गावा चौक पर रेलवे फ्लाईओवर से नीचे आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में 44 वर्षीय गुरमीत कौर की मौत हो गई।

एक अन्य दुर्घटना में दिनेशपुर निवासी 18 वर्षीय सुजल और 25 वर्षीय समीर मंडल की बाइक शिमला पिस्तौर क्षेत्र में डिवाइडर से टकरा गई। दोनों युवकों की मौत हो गई।

वहीं, चंदोला होम्योपैथी कॉलेज के सामने सड़क किनारे खड़े खराब ट्रक से बचने के प्रयास में हुए हादसे में 32 वर्षीय लालता प्रसाद की जान चली गई, जबकि उनका साथी घायल हो गया।

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप निवासी 28 वर्षीय दिशांत सरकार की भी अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। वह दिनेशपुर के हरिदासपुर में दुर्गा पूजा का मेला देखने गए थे।

गदरपुर क्षेत्र में 28 वर्षीय रघुवीर की बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया गया कि उनके घर में बेटे का जन्म हुआ था और वह अस्पताल में भर्ती परिवार के सदस्य के लिए खाना लेकर जा रहे थे।

इसके अलावा शांतिपुरी निवासी नरी राम की जहरीला पदार्थ निगलने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। ट्रांजिट कैंप निवासी श्याम सुंदर की कथित तौर पर छत से गिरने से जान चली गई।

बाजपुर निवासी राजपाल शरण की उपचार के दौरान मौत हुई, जिस पर परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए हैं। खटीमा निवासी नवीस का शव लालपुर में सड़क किनारे मिला। इन मामलों में पुलिस जांच कर रही है।

उधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान में ओवरस्पीडिंग, बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, ट्रिपल राइडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और काले शीशे वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने भी घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रतिबंधित समय में शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों की जवाबदेही तय करने और प्रभावित परिवारों को सहायता दिलाने की मांग की है।

केदारनाथ धाम में महिला के नृत्य का वीडियो वायरल, धार्मिक मर्यादा पर उठे सवाल

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम परिसर में एक महिला के नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धार्मिक मर्यादा और मंदिर परिसर में रील बनाने पर प्रतिबंध के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर परिसर में नृत्य का वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए बनाए गए नियमों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि परिसर में रील बनाने पर प्रतिबंध है, तो इस तरह के वीडियो सामने कैसे आ रहे हैं। क्या परिसर में पर्याप्त निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है?

बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने मामले की जांच कराने की बात कही है। हालांकि, वीडियो किस तारीख का है और किन परिस्थितियों में बनाया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पिरान कलियर से वायुसेना अधिकारी का 27 वर्षीय बेटा लापता, दरगाह परिसर में मिला बैग

हरिद्वार जिले के पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक परिसर से भारतीय वायुसेना के अधिकारी के 27 वर्षीय बेटे सत्यम के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। दरगाह परिसर में उसका काले रंग का लावारिस बैग मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को पुलिस को दरगाह परिसर में एक बैग मिला था। जांच करने पर उसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद हुए।

दस्तावेजों के आधार पर बैग की पहचान सत्यम का होने के रूप में हुई। पुलिस ने 18 अक्टूबर को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग उसके पिता शंकर सिंह को सौंप दिया।

सत्यम के पिता भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं और उनकी वर्तमान तैनाती पश्चिम बंगाल में बताई गई है। परिजनों के अनुसार, सत्यम एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर था, लेकिन उसने करीब डेढ़ महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। पिता और बेटे के बीच काफी समय से बातचीत नहीं हो रही थी।

पुलिस ने पिता की शिकायत के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर ली है। एसपी देहात अभय सिंह के अनुसार, युवक की तलाश की जा रही है और दरगाह परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल युवक के लापता होने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

राजाजी टाइगर रिजर्व में हथिनी का शव मिला, पहाड़ी से गिरने की आशंका

हरिद्वार में राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा के भीतर बिल्केश्वर कॉलोनी के पास जंगल में एक हथिनी का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह गश्त के दौरान वनकर्मियों ने पहाड़ी के पास शव देखा, जिसके बाद अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची।

अधिकारियों के अनुसार, हथिनी की उम्र करीब 12 से 15 वर्ष के बीच थी। शव तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने जंगल में ही पोस्टमार्टम कराया और इसके बाद शव को दफना दिया।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि पहाड़ी से नीचे गिरने के कारण हथिनी की मौत हुई होगी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज की रेंज अधिकारी आभा रतूड़ी के मुताबिक, मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शव से उठने वाली दुर्गंध आसपास की कॉलोनी तक पहुंच रही थी।

पद्मश्री डॉ. योगी ऐरन की संपत्ति में 50 लोगों के घुसने का आरोप, पुलिस ने मांगे दस्तावेज

देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र के कुठाल गेट स्थित ‘जंगल-मंगल’ संपत्ति में कथित तौर पर करीब 50 लोगों के जबरन घुसने और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है।

पद्मश्री से सम्मानित 87 वर्षीय डॉ. योगी ऐरन ने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह करीब छह बजे महिला और पुरुषों समेत बड़ी संख्या में लोग पीछे के रास्ते से परिसर में दाखिल हुए।

डॉ. ऐरन के मुताबिक, शुरुआत में उनके कर्मचारियों को लगा कि लोग घूमने आए हैं, लेकिन बाद में उन्होंने परिसर में रखा सामान उठाने की कोशिश की। विरोध करने पर कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई और तोड़फोड़ की गई।

उन्होंने इस संबंध में राजपुर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार, घटना से जुड़े फोटो, वीडियो और ऑडियो भी पुलिस को सौंपे गए हैं।

डॉ. ऐरन का दावा है कि वह वर्ष 1982 से इस संपत्ति में रह रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि जमीन पर कुछ लोगों की नजर है और इसकी हरियाली खत्म कर निर्माण कराया जा सकता है।

राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष को मौके से हटाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

दोनों पक्षों से जमीन के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग से सीमांकन कराकर रिपोर्ट लेने को भी कहा गया है।

पुलिस रजिस्ट्री और जमीन के कुल क्षेत्रफल समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. योगी ऐरन जाने-माने प्लास्टिक सर्जन हैं। उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह जरूरतमंद लोगों की निशुल्क प्लास्टिक सर्जरी के लिए भी जाने जाते हैं।

कई घटनाओं ने खड़े किए सवाल

उत्तराखंड में सामने आए इन अलग-अलग घटनाक्रमों ने सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, सरकारी विभागों की जवाबदेही, धार्मिक स्थलों की मर्यादा और संपत्ति संबंधी विवादों के समाधान जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।

कहीं सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है, तो कहीं सरकारी वाहन से हुए हादसे और महिला अधिकारी को कथित रूप से परेशान करने के मामले सामने आए हैं।

वहीं, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर लगाए गए आरोप, टैक्सी कारोबारियों का विरोध और धार्मिक स्थल पर वायरल वीडियो भी प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।

हालांकि, संबंधित मामलों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित विभाग इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई करते हैं।