खास खबर: वीकेंड पर पहाड़ों की रफ्तार थमी, मसूरी-नैनीताल से बदरीनाथ हाईवे तक जाम ही जाम

वीकेंड पर पहाड़ों की रफ्तार थमी, मसूरी-नैनीताल से बदरीनाथ हाईवे तक जाम ही जाम

देहरादून। गांधी जयंती के लंबे वीकेंड और लगातार छुट्टियों के चलते उत्तराखंड के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों व श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

मसूरी, नैनीताल, कैंची धाम और बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ गया कि कई जगह घंटों लंबा जाम लग गया। पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मसूरी में जाम से थमी रफ्तार

पहाड़ों की रानी मसूरी में 2 अक्टूबर से ही प्रमुख चौक-चौराहों और मसूरी-देहरादून मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।

हालात ऐसे हैं कि देहरादून से मसूरी की 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में चार से पांच घंटे तक का समय लग रहा है। शहर के माल रोड, लाइब्रेरी चौक और अन्य प्रमुख मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है।

जाम से राहत देने के लिए पुलिस ने यातायात को हाथीपांव रोड की ओर डायवर्ट किया, लेकिन वहां भी वाहनों का दबाव बढ़ने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन और लंबे वीकेंड के दौरान हर साल ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन पहले से प्रभावी ट्रैफिक प्लान नहीं बनाया जाता।

होटलों से मांगा सहयोग

यातायात का दबाव कम करने के लिए पुलिस ने होटल व्यवसायियों से भी सहयोग की अपील की है। पर्यटकों की एक साथ निकासी रोकने के लिए क्षेत्रवार चेकआउट टाइम तय करने का सुझाव दिया गया है।

लैंडौर क्षेत्र के होटल सुबह 9 से 11 बजे, माल रोड और कैमल बैक रोड क्षेत्र के होटल 11 बजे से 1 बजे तक तथा किताबघर और कैंपटी रोड क्षेत्र के होटल दोपहर 1 बजे के बाद चेकआउट कराने का प्रयास करेंगे।

पार्किंग की कमी बनी बड़ी वजह

मसूरी में सीमित पार्किंग क्षमता भी जाम का बड़ा कारण बन रही है। छुट्टियों के दौरान आने वाले वाहनों की संख्या उपलब्ध पार्किंग से कहीं अधिक हो जाती है।

ऐसे में सड़क किनारे खड़े वाहन यातायात को प्रभावित करते हैं। स्थानीय लोगों ने नई पार्किंग सुविधाओं के निर्माण और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन की मांग उठाई है।

कालाढूंगी में दो किलोमीटर लंबा जाम

नैनीताल और कैंची धाम की ओर बढ़ी पर्यटकों की भीड़ का असर कालाढूंगी में भी देखने को मिला। नया गांव कालाढूंगी से नैनीताल बाईपास तक करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

कई वाहन चालक एक घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहे। जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी देरी हुई, जबकि बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस मौके पर यातायात को सामान्य करने में जुटी रही, लेकिन वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण व्यवस्था बहाल करने में समय लगा।

बदरीनाथ हाईवे पर भी रेंगते रहे वाहन

पितृपक्ष शुरू होते ही बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। ब्रह्मकपाल में तर्पण और पिंडदान के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसका असर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी दिखाई दिया। जोशीमठ, मारवाड़ी बाईपास और हाथी पर्वत क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

स्थिति यह रही कि श्रद्धालुओं और यात्रियों को दो से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। रात के समय हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें दूर तक दिखाई देती रहीं।

जाम पर सियासत भी तेज

मसूरी में जाम और पार्किंग की समस्या को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है, जबकि कांग्रेस ने सरकार पर पर्याप्त पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन कारोबार के लिए पर्यटकों की बढ़ती संख्या अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ यातायात और पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है।

लोगों ने मांग की है कि लंबे वीकेंड, त्योहारों और पर्यटन सीजन से पहले प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय और होटल व्यवसायियों की संयुक्त बैठक कर ट्रैफिक प्लान, पार्किंग व्यवस्था और डायवर्जन रूट पहले से तय किए जाएं, ताकि हर छुट्टी में जाम की समस्या से राहत मिल सके