शिक्षकों की भाजपा में एंट्री, महेंद्र भट्ट समेत कई नेताओं पर मुकदमा दर्ज
देहरादून। उत्तराखंड में भाजपा को शिक्षक दिवस के अवसर पर संगठनात्मक मजबूती मिली है। शिक्षक नेता राम सिंह चौहान के नेतृत्व में कई शिक्षक और युवा भाजपा में शामिल हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर हल्द्वानी मंच शुद्धीकरण विवाद को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से सियासी हलचल भी तेज हो गई है।
राम सिंह चौहान ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर पढ़ाई की उम्र वाले युवाओं को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों ने उन्हें और उनके साथियों को सक्रिय राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा को देखते हुए भाजपा से बेहतर विकल्प उन्हें नहीं दिखाई दिया।
उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसका पूरी क्षमता और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।
कई शिक्षक और युवा भाजपा में शामिल
राम सिंह चौहान के साथ महेंद्र पाल सिंह परमार, धर्मवीर सिंह परमार, शैलेंद्र सिंह नेगी, ज्ञानदीप धवन, जयदीप परमार, अनुराधा सिंह, सोनाली चौहान, अदिति रावत, बबली नेगी, गीता चौहान, प्रज्ञा, गौरी रावत, शैलेश चौहान, गोपाल, आलोक रावत, परमवीर बिष्ट, उषा रावत, अंकित पांडे, अमन पांडे, शुभम चमोली, शुभम चौहान, ऐश्वर्या राणा, अपूर्व वशिष्ठ, अनमोल शर्मा और हिमांशु सजवान समेत कई लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता ज्योति प्रसाद गैरोला ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का भाजपा से जुड़ना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
मंच शुद्धीकरण विवाद में भाजपा नेताओं पर मुकदमा
भाजपा के लिए जहां शिक्षकों और युवाओं का समर्थन सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, वहीं हल्द्वानी मंच शुद्धीकरण विवाद ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी सभा के बाद मंच के कथित शुद्धीकरण को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। कांग्रेस ने इसे दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा नेताओं पर कार्रवाई की मांग की थी।
मामले को लेकर आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा ने बेंगलुरु के विधान सौधा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई भाजपा नेताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कथित मंच शुद्धीकरण की घटना ने अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा दिया। मामला अब आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को भेजा गया है।
इस विवाद को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि आश्वासन के बावजूद एफआईआर क्यों नहीं हुई। मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है, जहां कथित मंच शुद्धीकरण प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
राहुल गांधी पर भी दर्ज हुआ मुकदमा
इसी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के कार्यकर्ता विनोद कुमार आर्य और अमित कुमार ने राहुल गांधी पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 196 और 299 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(Q) के तहत मामला दर्ज किया है। राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे के बाद यह विवाद राष्ट्रीय राजनीति का विषय बन गया है।
एक ओर भाजपा में शिक्षकों और युवाओं के शामिल होने से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिली है, वहीं दूसरी ओर मंच शुद्धीकरण विवाद से जुड़े मुकदमों ने प्रदेश की राजनीति को और अधिक गरमा दिया है।
यह खबर भाजपा-केंद्रित है, लेकिन मुकदमे और विवाद की पृष्ठभूमि भी स्पष्ट रूप से शामिल करती है।


