बड़ी खबर: रक्षाबंधन पर महिलाओं को बस में नहीं बैठाने का आरोप, चालक-परिचालक पर कार्रवाई की मांग

रक्षाबंधन पर महिलाओं को बस में नहीं बैठाने का आरोप, चालक-परिचालक पर कार्रवाई की मांग

रिपोर्ट- मयंक पंत
टनकपुर। रक्षाबंधन पर्व पर उत्तराखंड सरकार की ओर से महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दिए जाने के बावजूद इस व्यवस्था के कथित उल्लंघन का मामला सामने आया है।

टनकपुर में हल्द्वानी डिपो की बस संख्या UK 06 PA 1764 के चालक और परिचालक पर महिला यात्रियों को देखकर बस नहीं रोकने तथा बस का गेट बंद रखने का आरोप लगाया गया है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने परिवहन निगम के अधिकारियों से जांच कर चालक-परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे उक्त बस टनकपुर बस अड्डे से रवाना हुई। आरोप है कि रक्षाबंधन के अवसर पर निशुल्क यात्रा की सुविधा का लाभ लेने के लिए बस का इंतजार कर रही महिलाएं जब बस के पास पहुंचीं, तो चालक ने वाहन नहीं रोका।

वहीं, परिचालक द्वारा बस का गेट भी बंद रखा गया। इस दौरान महिला यात्रियों को बस में सवार होने का अवसर नहीं मिल पाया।

मामले के सामने आने के बाद संबंधित लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा इसलिए उपलब्ध कराई है, ताकि पर्व के दौरान बहनों को अपने मायके और परिवार तक पहुंचने में सहूलियत हो।

ऐसे में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही या जानबूझकर किए गए व्यवहार के कारण महिलाओं को इस सुविधा से वंचित किया जाता है, तो यह गंभीर मामला है।

शिकायतकर्ता की ओर से उत्तराखंड परिवहन निगम के संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि आखिर बस को महिला यात्रियों के लिए क्यों नहीं रोका गया और परिचालक ने बस का गेट बंद क्यों रखा।

साथ ही, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो चालक और परिचालक के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा सरकार की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। ऐसे में परिवहन निगम के कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे पात्र महिला यात्रियों को नियमानुसार सुविधा उपलब्ध कराएं।

हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।