कांवड़ यात्रा में नया रिकॉर्ड, हरिद्वार पहुंचे 4.80 करोड़ शिवभक्त। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में भारी भीड़
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में इस बार कांवड़ मेले ने श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से नया रिकॉर्ड कायम किया है। सावन की शुरुआत से कांवड़ मेले के समापन तक करीब 4 करोड़ 80 लाख कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे।
बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने हरकी पैड़ी समेत विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान कर गंगाजल भरा और अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार कांवड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और प्रशासन के अनुसार अंतिम आंकड़ा पांच करोड़ के पार भी पहुंच सकता है।
कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद मंगलवार को हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर हरकी पैड़ी पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन और आरती की तथा प्रदेश और जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद दोनों अधिकारी कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
4.80 करोड़ का आंकड़ा, पांच करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान
हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस बार कांवड़ मेले में करीब 4 करोड़ 80 लाख कांवड़िए हरिद्वार पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही अभी भी जारी है, इसलिए शाम तक आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पिछले कांवड़ मेले में करीब **4 करोड़ 48 लाख** कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का आंकड़ा सामने आया था। इस लिहाज से इस बार पिछले रिकॉर्ड में भी बढ़ोतरी हुई है।
एसएसपी के मुताबिक कांवड़ मेले के दौरान पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती थी।
डाक कांवड़ वाहनों की रात में रवानगी और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई। बैरागी कैंप पार्किंग को निर्धारित समय और सीमा के अनुसार संचालित किया गया।
उन्होंने कहा कि डाक कांवड़ की वापसी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रही, लेकिन पहले से तैयार किए गए प्लान के अनुसार इस चुनौती से निपटा गया। पूरे मेले के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली और पुलिस के दुर्व्यवहार की भी कोई शिकायत सामने नहीं आई।
महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
कांवड़ मेले के बीच सावन मास की महाशिवरात्रि पर भी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय नजर आया। मंगलवार सुबह से ही धर्मनगरी के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों के साथ ही दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव का अभिषेक किया। बिलकेश्वर महादेव, नीलेश्वर महादेव समेत हरिद्वार के अन्य शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
मंदिरों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा और कतार व्यवस्था की गई। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से धर्मनगरी का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कांवड़ मेले से मिली सीख, कुंभ की तैयारियों में आएगी काम
हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि पिछले 15 दिनों में बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे और सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस विभाग की भूमिका की सराहना की।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी कांवड़ मेले की लगातार समीक्षा की और प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया गया। इस बार के कांवड़ मेले के दौरान सामने आई चुनौतियों और अनुभवों से सीख लेकर आने वाले **कुंभ मेले की तैयारियों** को बेहतर बनाया जाएगा।
गंगाजल लेकर अपने गंतव्य रवाना हुए शिवभक्त
कांवड़ यात्रा के दौरान हरकी पैड़ी और हरिद्वार के प्रमुख गंगा घाटों के अलावा कनखल, ज्वालापुर और आसपास के इलाकों में भी दिन-रात शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही। अंतिम दिनों में डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से हाईवे और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ गया था।
अब बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो चुके हैं। वहीं सावन की महाशिवरात्रि के अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रशासन के मुताबिक देर शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है।
इस बार के कांवड़ मेले में 4.80 करोड़ का आंकड़ा पार होना हरिद्वार की धार्मिक आस्था और कांवड़ यात्रा के बढ़ते स्वरूप को दर्शाता है। प्रशासन अब अंतिम संकलित और सटीक आंकड़ा जारी करने की तैयारी में है।


