क्राइम अपडेट: एक तरफ हादसे का मातम, दूसरी ओर अपराध की वारदातें। उत्तराखंड में बीते 24 घंटे की बड़ी खबरें

एक तरफ हादसे का मातम, दूसरी ओर अपराध की वारदातें। उत्तराखंड में बीते 24 घंटे की बड़ी खबरें

  • लालकुआं में जहरखुरानी की आशंका, हल्द्वानी में भगदड़ के मामले में 20 पर कार्रवाई; कलियर में कांवड़ खंडित होने पर हंगामा, रानीखेत पुलिस ने 10 साल बाद बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

लालकुआं। मुरादाबाद-काठगोदाम पैसेंजर ट्रेन में पति-पत्नी के बेहोशी की हालत में मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों के जहरखुरानी गिरोह का शिकार होने की आशंका जताई जा रही है।

दंपती के पास मौजूद करीब 49 हजार रुपये और मोबाइल फोन गायब मिले हैं। जीआरपी ने दोनों को 108 एंबुलेंस की मदद से हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, दोनों की पहचान नेपाल निवासी 60 वर्षीय महेंद्र सिंह और उनकी 45 वर्षीय पत्नी शीला देवी के रूप में हुई है। दंपती हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करने के बाद कमाई की रकम लेकर नेपाल लौट रहे थे।

शिमला से बस के जरिए हरिद्वार पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात तीन लोगों से हुई। दंपती का कहना है कि उन्होंने उन लोगों के साथ चाय-नाश्ता किया और इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं है।

महेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास करीब 20 हजार और उनकी पत्नी के पास लगभग 29 हजार रुपये थे। दोनों के मोबाइल और ट्रेन टिकट भी गायब हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक प्रथम दृष्टया किसी नशीले पदार्थ या धतूरे जैसी चीज खिलाए-पिलाए जाने की आशंका है। दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है।

हल्द्वानी में विवाद के बाद भगदड़, 20 लोगों पर कार्रवाई

हल्द्वानी। मुखानी थाना क्षेत्र के पीली कोठी चौराहे के पास दो गुटों के बीच विवाद के बाद सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 20 लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।

पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त की देर रात विवाद की सूचना मिली थी। जांच के दौरान CCTV फुटेज खंगाली गई, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ मारपीट या चोट पहुंचाने की घटना सामने नहीं आई। दोनों पक्षों की ओर से भी कोई तहरीर नहीं दी गई।

पुलिस ने सभी 20 लोगों के खिलाफ BNSS की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई की और पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत चालान करते हुए कुल 10 हजार रुपये का संयोजन शुल्क वसूला। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सुलह कराने के बहाने जंगल ले जाने का आरोप, महिला ने पति के दोस्त पर लगाया दुष्कर्म का आरोप

लालकुआं। पति से विवाद के बाद सात माह की बच्ची को लेकर मायके जाने के लिए निकली महिला ने पति के दोस्त पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है।

महिला का आरोप है कि आरोपी उसे सुलह कराने और घर छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठाकर ले गया और टांडा के जंगल में उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय महिला की सात माह की बच्ची भी उसके साथ थी।

महिला के अनुसार, वह लालकुआं रेलवे स्टेशन पहुंची थी। उसके पति के दोस्त धर्मेंद्र निवासी राजपुरा को जब इसकी जानकारी हुई तो वह बाइक लेकर स्टेशन पहुंचा और पति से सुलह कराने की बात कही। आरोप है कि रास्ते में उसने बाइक आईओसी डिपो के सामने मोड़कर महिला और बच्ची को टांडा के जंगल की ओर ले गया।

महिला ने आरोप लगाया कि जंगल में आरोपी ने बच्ची को एक तरफ बैठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद देर रात उसे हल्द्वानी के गौला पुल के पास छोड़कर फरार हो गया।

शिकायत के बाद पुलिस महिला को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पौड़ी हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत, लक्सर के रायपुर गांव में पसरा मातम

लक्सर। देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत की खबर जैसे ही लक्सर के रायपुर गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। मृतकों में अफजाल, उसकी पत्नी, तीन बच्चे और उसका भाई शामिल हैं। हादसे में आठ वर्षीय अरहम घायल हुआ है, जिसका उपचार चल रहा है।

रायपुर गांव निवासी अफजाल पेशे से ठेकेदार था और पौड़ी में भवन निर्माण का काम करा रहा था। कांवड़ मेले के दौरान वह परिवार को लेकर पौड़ी घूमने जा रहा था। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे परिवार घर से निकला था। देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर सबदरखाल के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा।

हादसे में अफजाल पुत्र अकबर सूफी, उसकी पत्नी शब्बो, बेटी अनाविया, भाई गुफरान तथा बेटे अरमान और अमन की मौत हुई। आठ वर्षीय अरहम घायल है।

हादसे की सूचना के बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि एक दिन पहले तक जिस परिवार में खुशी का माहौल था, वहां हादसे के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।

कलियर में कांवड़ खंडित होने पर हंगामा, युवक से मारपीट; पुलिस ने संभाला मोर्चा

रुड़की। पिरान कलियर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव के पास कांवड़ यात्रा के दौरान गंगाजल खंडित होने के बाद हंगामा हो गया। कांवड़ यात्रियों ने स्थानीय युवक के साथ मारपीट कर दी, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। घायल युवक को स्थानीय लोगों ने उपचार के लिए अस्पताल भेजा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल, सीओ सुमित पांडेय और थाना प्रभारी कमल मोहन भंडारी भी मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने कांवड़ यात्रियों को समझाया और एक पुलिसकर्मी को उनके साथ हरकी पैड़ी भेजा। वहां से दोबारा गंगाजल भरवाने के बाद कांवड़ को पुनः स्थापित कराया गया और यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। तत्काल पुलिस हस्तक्षेप से संभावित बड़े विवाद को टाल दिया गया।

रानीखेत पुलिस ने पेश की मिसाल, 10 साल से लापता बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

रानीखेत। मजखाली पुलिस की संवेदनशील पहल से करीब 10 वर्षों से लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ बुजुर्ग आखिरकार अपने परिवार से मिल गए। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

मजखाली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विनोद फर्त्याल की नजर एक ऐसे बुजुर्ग पर पड़ी, जो काफी समय से क्षेत्र में भटक रहे थे। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपना नाम-पता स्पष्ट नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने उन्हें चौकी लाकर बातचीत के जरिए पहचान जानने का प्रयास किया।

जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने उन्हें डायरी और पेन दिया। बुजुर्ग ने डायरी में केवल “राजेपुर” शब्द लिखा। पुलिस ने इसी सुराग के आधार पर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित राजेपुर थाना पुलिस से संपर्क किया।

फोटो और अन्य जानकारी साझा करने के बाद करीब चार दिन की पड़ताल में बुजुर्ग की पहचान श्याम सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने उनके परिवार से संपर्क किया। सूचना मिलते ही उनका बेटा और अन्य परिजन मजखाली चौकी पहुंचे।

करीब एक दशक बाद पिता को सामने देखकर परिवार भावुक हो गया। परिजनों ने बताया कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण श्याम सिंह लगभग 10 वर्ष पहले घर से लापता हो गए थे। लंबे समय बाद उनकी सकुशल वापसी पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बन गई।