कांग्रेस का चढ़ावा विवाद से सरकार पर हमला। राहुल गांधी के दौरे और सुलभ शौचालय विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी
- केसी वेणुगोपाल ने दिए संगठन मजबूत करने के निर्देश, 17 जुलाई को राहुल गांधी करेंगे युवाओं से संवाद; कांग्रेस मुख्यालय से जुड़े सुलभ शौचालय विवाद पर बीजेपी का पलटवार
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति तेज कर दी है। बदरीनाथ धाम के कथित चढ़ावा गबन मामले को कांग्रेस भाजपा सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए राज्यव्यापी अभियान चला रही है।
पार्टी का आरोप है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला समेत कई नेताओं ने बदरीनाथ धाम में मौन व्रत और धरना देकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पार्टी इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाकर जनआंदोलन का रूप देने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं भाजपा इसे विपक्ष का राजनीतिक अभियान बताते हुए जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की बात कह रही है।
इसी बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों और विभिन्न प्रकोष्ठों के नेताओं के साथ बैठक कर 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार की।
उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं को जोड़ने तथा बेरोजगारी, पलायन और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जनआंदोलन खड़ा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड के लिए व्यापक घोषणा पत्र भी तैयार करेगी।
कांग्रेस ने चुनावी अभियान को और गति देते हुए 17 जुलाई को राहुल गांधी के देहरादून दौरे की घोषणा की है। राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे।
कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठा रही है।
इधर, कांग्रेस एक अन्य विवाद को लेकर भी विपक्ष के निशाने पर आ गई है। देहरादून के राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय से सटे सरकारी सुलभ शौचालय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
आरोप है कि आम जनता के लिए बनाए गए शौचालय का रास्ता दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है और उसका उपयोग केवल कांग्रेस भवन के भीतर से किया जा रहा है।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी और अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि शौचालय की साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई, जबकि भाजपा ने इसे जनता की सुविधा पर कब्जा बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आने के साथ धार्मिक आस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे उत्तराखंड की सियासत में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।
ऐसे में कांग्रेस जहां सरकार को इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा जांच, विकास कार्यों और संगठन के दम पर चुनावी चुनौती का सामना करने की रणनीति पर काम कर रही है।
