बिग ब्रेकिंग: दून मेडिकल कॉलेज मेस फीस घोटाले में पहली बड़ी कार्रवाई, अकाउंटेंट सस्पेंड

दून मेडिकल कॉलेज मेस फीस घोटाले में पहली बड़ी कार्रवाई, अकाउंटेंट सस्पेंड

देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की मेस फीस से जुड़े कथित घोटाले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद मामले में संलिप्त पाए गए एक अकाउंटेंट को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य ने बताया कि मेस फीस घोटाले की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में जीएसटी, बैंक ट्रांजैक्शन और डिमांड ड्राफ्ट से जुड़े कई तकनीकी पहलू सामने आए हैं, जिनकी जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

उन्होंने बताया कि निजी खातों में जमा कराई गई मेस फीस, बैंक लेनदेन और जीएसटी से जुड़े पहलुओं की जांच विशेषज्ञ एजेंसियों से कराने के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है।

डॉ. आर्य ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में एक लेखाकार को निलंबित किया गया है।

ऐसे हुआ मेस फीस घोटाला

आरोप है कि दून मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 बैच के एमबीबीएस छात्रों से मेस शुल्क कॉलेज के अधिकृत खाते में जमा कराने के बजाय मेस संचालक ने अपने निजी खातों में जमा कराया।

इसके लिए छात्रों को ऐसा क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया, जिस पर दून मेडिकल कॉलेज का नाम अंकित था, जिससे छात्रों को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।

डिमांड ड्राफ्ट भी कराए गए वापस

जांच में यह भी सामने आया कि मेस संचालक ने कॉलेज के अकाउंट सेक्शन की मदद से छात्रों द्वारा जमा किए गए डिमांड ड्राफ्ट वापस निकलवाकर उन्हें रद्द कराया और छात्रों को लौटा दिया।

इसके बाद फीस निजी खातों में जमा कराई गई। करीब डेढ़ महीने पहले सामने आए इस मामले की जांच के बाद अब एक अकाउंटेंट पर निलंबन की कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।