बिग ब्रेकिंग: राम मंदिर ट्रस्ट से RTI पर विवाद, सूचना आयोग में तीन महीने से लंबित अपील

राम मंदिर ट्रस्ट से RTI पर विवाद, सूचना आयोग में तीन महीने से लंबित अपील

  • आरटीआई कार्यकर्ता ने दान और वित्तीय जानकारी मांगी, ट्रस्ट ने खुद को आरटीआई के दायरे से बाहर बताया; मामला अब सूचना आयोग के विचाराधीन।

हल्द्वानी/अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराए जाने का मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग तक पहुंच गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया का दावा है कि शिकायत और द्वितीय अपील दायर किए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आयोग की ओर से सुनवाई की तिथि या कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।

हेमंत सिंह गौनिया ने 26 मार्च और 16 मई 2025 को ट्रस्ट के लोक सूचना अधिकारी से पिछले लगभग 15 वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या, सोना-चांदी, नकद दान, कर्मचारियों का विवरण, वेतन, मंदिर निर्माण पर खर्च और अन्य वित्तीय जानकारियां मांगी थीं।

ट्रस्ट ने 3 अप्रैल और 24 मई 2025 को दिए जवाब में कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2(h) के तहत “लोक प्राधिकरण” नहीं है।

ट्रस्ट का कहना है कि वह न तो सरकार के स्वामित्व में है, न उसके नियंत्रण में और न ही सरकार से वित्तपोषित है, इसलिए उस पर आरटीआई अधिनियम लागू नहीं होता।

इस जवाब से असंतुष्ट होकर गौनिया ने प्रथम अपील और बाद में उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में धारा 18 के तहत शिकायत तथा धारा 19(3) के तहत द्वितीय अपील दायर की।

अपील में आयोग से पहले यह तय करने की मांग की गई है कि ट्रस्ट आरटीआई अधिनियम के दायरे में आता है या नहीं। यदि आता है, तो मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराने और संबंधित लोक सूचना अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

गौनिया का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के दान और मंदिर के वित्तीय प्रबंधन जैसे विषय सार्वजनिक महत्व के हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि हालिया चोरी की घटनाओं के बाद दान और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।

फिलहाल यह मामला उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के विचाराधीन है। आयोग का निर्णय यह स्पष्ट करेगा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत “लोक प्राधिकरण” की श्रेणी में आता है या नहीं, और क्या ट्रस्ट को मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी।